आसनसोल : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच आसनसोल–सलानपुर क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सलानपुर थाना पुलिस ने अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलाने वाले फर्जी दस्तावेज गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक सतर्कता का प्रमाण है, बल्कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकता व्यवस्था पर मंडराते खतरे की भी ओर संकेत करती है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का नाम छोटन सेन है, जिसे देंदुआ इलाके से पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और कराने वालों के बीच सक्रिय कड़ी के रूप में काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिक दर्शाने के लिए आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण पहचान पत्र बनवाने में भूमिका निभाई।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने एक बांग्लादेशी महिला के लिए जाली पहचान के आधार पर भारतीय दस्तावेज तैयार कराए, जिनका उपयोग सरकारी कार्यालयों में वैध नागरिक के रूप में प्रस्तुत होने के लिए किया गया। इन कागजातों के सहारे संबंधित विभागों को भ्रमित कर नियमों को दरकिनार करने का प्रयास किया गया। पुलिस को संदेह है कि इस तरह के दस्तावेजों का उपयोग भविष्य में मतदाता सूची, बैंकिंग और अन्य संवेदनशील सेवाओं में भी किया जा सकता था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। पूछताछ में संकेत मिले हैं कि आरोपी के संपर्क में कई अन्य लोग भी थे, जो दस्तावेज निर्माण, सत्यापन और आपूर्ति की श्रृंखला से जुड़े हो सकते हैं। इसके बदले मोटी रकम लिए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क हो सकता है।
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान इस प्रकार की गिरफ्तारी ने प्रशासन को और अधिक सतर्क कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह मतदाता सूची और नागरिक पहचान प्रणाली की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह को किसी स्तर पर अंदरूनी सहायता तो नहीं मिल रही थी।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े अन्य नाम भी सामने आएंगे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध नागरिकता, फर्जी दस्तावेज और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा।















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