दुर्गापुर में झंडा विवाद, चुनावी सरगर्मी में सियासी टकराव तेज

Facebook
Twitter
WhatsApp

दुर्गापुर :  पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक वातावरण लगातार गरमाता जा रहा है। हर दिन नए आरोप, प्रत्यारोप और घटनाएं सामने आ रही हैं, जो न केवल दलों के बीच टकराव को उजागर कर रही हैं, बल्कि आम जनजीवन में भी तनाव का कारण बन रही हैं। इसी कड़ी में रविवार को दुर्गापुर के धांडाबाग बागानपाड़ा क्षेत्र में एक घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।

IMG 20240918 WA0025

स्थानीय लोगों की नजर उस समय नाले की ओर गई, जब वहां एक सत्तारूढ़ दल के कई झंडे गंदगी में पड़े दिखाई दिए। देखते ही देखते यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही दुर्गापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया।

सत्तारूढ़ दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए विपक्षी दल पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पार्टी की पहचान को अपमानित करने का प्रयास किया गया। नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें चुनावी माहौल को जानबूझकर दूषित करने के उद्देश्य से की जा रही हैं।

स्थानीय स्तर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। नेताओं ने यह भी कहा कि वे राजनीतिक मतभेदों को सड़कों पर टकराव में बदलने के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

IMG 20250511 WA0050

वहीं विपक्षी दल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इन्हें सत्तारूढ़ दल की आंतरिक राजनीति का परिणाम करार दिया। विपक्ष का दावा है कि चुनाव नजदीक आते ही सहानुभूति बटोरने के लिए इस तरह की घटनाओं को हवा दी जा रही है। उनका कहना है कि वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए झंडा विवाद जैसे प्रकरण गढ़े जा रहे हैं।

घटना के बाद इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें और जनता का भरोसा बनाए रखें। दुर्गापुर की यह घटना फिलहाल थम तो गई है, लेकिन इसने चुनावी राजनीति की बढ़ती तल्खी को साफ तौर पर उजागर कर दिया है।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 0 2
Users Today : 22
Users Yesterday : 23