आसनसोल : शहर की सड़कों पर बढ़ते हादसों और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। नॉर्थ ट्रैफिक विभाग के प्रभारी अली राजा के नेतृत्व में यह कार्यक्रम शीतला मोड़ और मौजुड़ी मोड़ जैसे संवेदनशील और दुर्घटना-प्रवण इलाकों में आयोजित किया गया, जहां आए दिन सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है।

इस जागरूकता अभियान में आसनसोल नॉर्थ ट्रैफिक के अधिकारी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और सिविक वॉलिंटियर बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी। हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने, नशे की हालत में ड्राइविंग से बचने और सड़क पार करते समय सतर्क रहने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को समझाया गया।
“हर घर में किसी का इंतजार होता है”
कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ ट्रैफिक प्रभारी अली राजा ने लोगों को भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि सड़क पर निकलने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी परिवार का सहारा होता है। उन्होंने कहा, “हर घर में कोई न कोई अपने परिजनों के सुरक्षित लौटने का इंतजार करता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हम सभी यातायात नियमों का पालन करें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं।”
उन्होंने आगे कहा कि एक सड़क हादसा केवल एक व्यक्ति की जान नहीं लेता, बल्कि पूरे परिवार को संकट और दुख में डाल देता है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही किसी के जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन सकती है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे जल्दबाजी और लापरवाही छोड़कर नियमों का सम्मान करें, ताकि खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों की जान भी बचा सकें।
खतरनाक मोड़ों पर विशेष ध्यान
शीतला मोड़ और मौजुड़ी मोड़ को शहर के सबसे जोखिम भरे चौराहों में गिना जाता है। यहां तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी अक्सर हादसों का कारण बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इन इलाकों को जागरूकता अभियान के लिए चुना। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को रोककर उन्हें नियमों की जानकारी दी और भविष्य में सतर्क रहने की सलाह दी।

स्थानीय लोगों ने की सराहना
अभियान को लेकर स्थानीय नागरिकों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम केवल चालान काटने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों की सोच बदलने में भी मदद करते हैं। स्थानीय निवासियों ने अली राजा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह खतरनाक मोड़ों पर लगातार जागरूकता फैलाई जाए, तो सड़क हादसों में निश्चित रूप से कमी आएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में भी आसनसोल के अन्य संवेदनशील इलाकों में इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस का उद्देश्य है कि लोगों में डर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भावना पैदा हो, ताकि सड़कें सुरक्षित बन सकें और अनमोल जानें बचाई जा सकें।
कुल मिलाकर, यह पहल यातायात नियमों के पालन की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो शहर को दुर्घटना-मुक्त बनाने की उम्मीद जगाती है।















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