बर्नपुर : सेल-इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) में निर्माणाधीन अत्याधुनिक कोक ओवन बैटरी नंबर-12 परियोजना ने सिविल निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है। परियोजना के तहत निर्धारित 1,000 पाइलिंग कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिसे इस बहुप्रतीक्षित और तकनीकी रूप से जटिल परियोजना की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता के साथ ही परियोजना के अगले चरणों के लिए मजबूत आधार तैयार हो गया है।

कोक ओवन बैटरी नंबर-12 को आईएसपी की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी और प्रतिष्ठित परियोजनाओं में गिना जा रहा है। यह न केवल तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि इसके पूर्ण होने के बाद संयंत्र की उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को भी नई ऊंचाई मिलेगी। खास बात यह है कि यह परियोजना आईएसपी में पहली बार स्टैम्प-चार्ज्ड कोक ओवन बैटरी तकनीक को अपनाने जा रही है, जो आधुनिक इस्पात उद्योग में उन्नत और पर्यावरण के अनुकूल मानी जाती है।
स्टैम्प-चार्ज्ड तकनीक से बढ़ेगी गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता
स्टैम्प-चार्ज्ड कोक ओवन बैटरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह स्वदेशी कोयले के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करती है। 1.0 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) ड्राई कोल थ्रूपुट क्षमता वाली यह सुविधा बेहतर गुणवत्ता वाले कोक उत्पादन में सहायक होगी। परियोजना के तहत 6.25 मीटर ऊंचाई वाले कुल 60 ओवन स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी सकल कोक उत्पादन क्षमता लगभग 0.76 एमटीपीए होगी। इससे न केवल कोक की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
कार्बन फुटप्रिंट घटाने में अहम भूमिका
इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से संयंत्र के कुल कार्बन फुटप्रिंट में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। बेहतर ईंधन दक्षता और आधुनिक बाय-प्रोडक्ट रिकवरी सिस्टम के कारण पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा, जो हरित इस्पात उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के कमीशनिंग के बाद आईएसपी उच्च हॉट मेटल उत्पादन स्तरों पर भी कोक और कोक ओवन गैस की दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता हासिल कर सकेगा।

तीन प्रमुख पैकेजों में हो रहा कार्य
कोक ओवन बैटरी नंबर-12 परियोजना को तीन प्रमुख पैकेजों के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। पहला बैटरी पैकेज, दूसरा आधुनिक बाय-प्रोडक्ट प्लांट और तीसरा कोक ड्राई कूलिंग प्लांट। इन पैकेजों का निष्पादन विभिन्न अनुभवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के कंसोर्टियम द्वारा किया जा रहा है। बैटरी पैकेज का कार्य एसएमएस इंडिया एवं मेकॉन द्वारा, बाय-प्रोडक्ट प्लांट का कार्य हुत्नी प्रोजेक्ट एफएम एवं हुत्नी प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड द्वारा, जबकि कोक ड्राई कूलिंग प्लांट का कार्य निप्पॉन एवं टीपीएल के संयुक्त समूह द्वारा किया जा रहा है।
परिचालन लचीलापन और भविष्य की तैयारी
परियोजना के पूर्ण होने के बाद आईएसपी को न केवल उत्पादन में मजबूती मिलेगी, बल्कि मौजूदा कोक ओवन बैटरियों के चरणबद्ध अनुरक्षण के लिए आवश्यक परिचालन लचीलापन भी प्राप्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आईएसपी को तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय तीनों स्तरों पर सशक्त बनाएगी।
कुल मिलाकर, कोक ओवन बैटरी नंबर-12 में 1,000 पाइलिंग कार्य का सफल समापन आईएसपी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो भविष्य में संयंत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत करेगा।















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