पूर्व बर्दवान : पश्चिम बंगाल में निपा वायरस की संभावित दस्तक को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कटवा क्षेत्र से जुड़ी एक संदिग्ध स्वास्थ्यकर्मी के मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन निगरानी और संपर्क अनुरेखण की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला स्वास्थ्य तंत्र के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर जिन लोगों की पहचान की गई थी, उनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे प्रशासनिक सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कटवा निवासी संक्रमित नर्स के प्रत्यक्ष और परोक्ष संपर्क में आए लोगों की सूची का दायरा अब पहले से कहीं अधिक विस्तृत हो चुका है। पहले जहां संपर्क में आए लोगों की संख्या सीमित मानी जा रही थी, वहीं विस्तृत जांच और फील्ड सर्वे के बाद यह आंकड़ा बढ़कर कई दर्जन तक पहुंच गया है। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि संक्रमण की कोई भी संभावित कड़ी छूट न जाए।
जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि विशेष टीमें उन सभी लोगों की पहचान में जुटी हैं, जो इलाज, देखभाल या सामान्य संपर्क के दौरान संबंधित नर्स के संपर्क में आए थे। इसमें अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और सहायक कर्मियों के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक संपर्क भी शामिल हैं। सभी संदिग्धों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
इस बीच, केंद्र सरकार के अधीन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की एक विशेषज्ञ टीम ने कटवा अनुमंडल अस्पताल का दौरा किया। टीम ने अस्पताल की तैयारियों, संक्रमण नियंत्रण उपायों और उपचार प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा की। मरीजों में दिखाई देने वाले लक्षणों, दवाओं की उपलब्धता और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। केंद्रीय विशेषज्ञों ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने की सलाह दी।

आईसीएमआर की टीम ने मंगलकोट क्षेत्र में संबंधित स्वास्थ्यकर्मी के आवास का भी निरीक्षण किया। वहां आसपास के लोगों से बातचीत कर संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। साथ ही, होम क्वारंटाइन में रह रहे सभी संदिग्ध व्यक्तियों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण की स्थिति को स्पष्ट रूप से आंका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता में भय की स्थिति से बचने के लिए जागरूकता अभियान भी तेज किया है। मंगलकोट अस्पताल प्रशासन की ओर से एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जिस पर लोग लक्षणों, जांच और सावधानियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

राहत की बात यह है कि अब तक जिन दो स्वास्थ्यकर्मियों को संदेह के आधार पर निगरानी में रखा गया था, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उनमें निपा संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जब तक सभी जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं हो जातीं, तब तक सतर्कता और निगरानी का स्तर बनाए रखा जाएगा।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। फिलहाल, पूरे पूर्व बर्दवान जिले में स्वास्थ्य तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि निपा वायरस की किसी भी संभावित चुनौती का समय रहते सामना किया जा सके।















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