मालदा : शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में भारतीय राजनीति और रेलवे इतिहास—दोनों के लिए अहम दिन रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय बंगाल दौरे के दौरान देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हावड़ा से कामाख्या तक चलने वाली यह अत्याधुनिक ट्रेन लंबी दूरी की रेल यात्रा को नया आयाम देगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने विकास के साथ-साथ राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मालदा की जनता का आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती से उन्हें हमेशा स्नेह और समर्थन मिला है और आज की भीड़ इस बात का संकेत है कि राज्य बदलाव के लिए तैयार है। इसके बाद उन्होंने सीधे तौर पर मुर्शिदाबाद और बेलडांगा में हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे संवेदनशील इलाकों में घुसपैठियों को संरक्षण मिल रहा है और वही लोग अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल की हिंसक घटनाएं और अव्यवस्था राज्य सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। बेलडांगा की स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां जो कुछ हुआ, वह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने एक महिला पत्रकार पर हुए हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि एक महिला पत्रकार के साथ जिस तरह की बदसलूकी हुई, वह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि यह सब तृणमूल कांग्रेस से जुड़े असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया। उन्होंने जनता से सवाल किया कि यदि ऐसी स्थिति में बदलाव चाहिए, तो क्या भाजपा के अलावा कोई और विकल्प है?
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ के खिलाफ सख्त और निर्णायक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि जैसे दुनिया के अन्य देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं, वैसे ही बंगाल और देश की सुरक्षा के लिए भी कठोर फैसले जरूरी हैं। उनका कहना था कि राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने विकास योजनाओं पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से बंगाल को करीब 3,250 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया गया है। इनमें रेलवे, सड़क, बुनियादी ढांचा और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न केवल पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत करेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मालदा और आसपास के इलाके विकास की नई राह पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि बंगाल को उसकी ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप विकास के शिखर तक पहुंचाया जाए। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उत्साह इस बात का संकेत है कि राज्य की जनता अब “असली परिवर्तन” चाहती है।
शनिवार की यह सभा केवल एक रेल परियोजना के शुभारंभ तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों के संकेत भी दे गई। एक ओर आधुनिक रेल सेवा की शुरुआत हुई, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री के तीखे राजनीतिक संदेश ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया। अब यह देखना होगा कि इन घोषणाओं और आरोपों का आने वाले समय में बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।















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