आसनसोल : शनिवार को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। वर्ष 2022 में जारी किए गए एक पासपोर्ट के दस्तावेजों की दोबारा जांच (री-वेरिफिकेशन) के दौरान फर्जीवाड़े की परतें खुलती चली गईं। जांच के बाद सलानपुर थाना पुलिस ने डेंडुआ निवासी युवक छोटन सेन को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर बांग्लादेश से अवैध रूप से लाई गई एक नाबालिग युवती के लिए नकली दस्तावेजों के सहारे भारतीय पासपोर्ट बनवाने का गंभीर आरोप है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरओ) ने 2022 में मोयना सेन उर्फ कोली नामक महिला के पासपोर्ट आवेदन की पुनः जांच का आदेश दिया था। इसी क्रम में पुलिस की खुफिया शाखा ने पासपोर्ट आवेदन में दर्ज पति, माता-पिता और पते से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान आवेदन में दिए गए आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और गैस बिल जैसे दस्तावेजों पर संदेह गहराने लगा।
जब पुलिस नोटिस लेकर बताए गए पते पर पहुंची, तो कथित पासपोर्ट धारक मोयना सेन वहां मौजूद नहीं मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि छोटन सेन पहले से शादीशुदा है और उसकी पत्नी व दो बेटियां हैं। जिस दंपती को पासपोर्ट आवेदन में मोयना का माता-पिता बताया गया था, वे दरअसल छोटन के चाचा-चाची निकले, जिनकी कोई बेटी ही नहीं है।
इसके बाद पुलिस ने सभी संबंधित लोगों को एफआरओ कार्यालय बुलाया। वहां पूछताछ के दौरान छोटन के चाचा-चाची ने साफ कहा कि वे मोयना सेन नाम की किसी लड़की को नहीं जानते और उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है। सख्ती से पूछताछ करने पर छोटन सेन टूट गया और उसने पूरे मामले की परतें खोल दीं।

आरोपी ने स्वीकार किया कि मोयना उसकी पत्नी नहीं, बल्कि प्रेमिका और लिव-इन पार्टनर थी। उसने बताया कि वर्ष 2019 में लछीपुर इलाके में उसकी मुलाकात मोयना से हुई थी। मोयना ने उसे बताया था कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से लाई गई थी और नाबालिग उम्र में देह व्यापार के दलदल में फंसा दी गई। प्रेम संबंध में पड़ने के बाद छोटन ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया और मोयना के साथ किराए के मकान में रहने लगा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि छोटन ने अपने चाचा-चाची के दस्तावेजों की प्रतियां लेकर उन्हें मोयना के माता-पिता के रूप में दिखाया। इसके बाद दलालों की मदद से पहले फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, फिर आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड बनवाए गए। इन्हीं कागजातों के आधार पर 2022 में भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया गया। इसी पासपोर्ट के जरिए दोनों कई बार बांग्लादेश भी गए।
फिलहाल मोयना उर्फ कोली लापता है और उसका मोबाइल नंबर बंद बताया जा रहा है। पुलिस ने छोटन सेन को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। शनिवार को उसे अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था और पहले स्तर पर पासपोर्ट सत्यापन कैसे पास हुआ। यह मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ता दिख रहा है।















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