दुर्गापुर : रविवार को पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गैस टैंकर से अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। यह टैंकर गोपालपुर से पानागढ़ औद्योगिक क्षेत्र की ओर जा रहा था। घटना बिरुडीहा स्थित वायु सेना शिविर के गेट के समीप कोलकाता जाने वाली सड़क पर हुई, जहां कुछ ही देर में स्थिति बेहद संवेदनशील बन गई। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल यातायात रोक दिया, जिससे राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलते टैंकर के कैप्सूल सिलेंडर से अचानक गैस निकलने लगी। तीखी गंध और हवा में फैलती गैस को देखकर आसपास के लोग घबरा गए। चालक और खलासी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तुरंत टैंकर को सड़क किनारे खड़ा किया और स्वयं सुरक्षित दूरी पर चले गए। उनकी तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई, अन्यथा घनी आबादी और व्यस्त सड़क पर गंभीर हादसा हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही कांकसा थाना पुलिस, ट्रैफिक गार्ड और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दमकल कर्मियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। सड़क के दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई और आसपास मौजूद लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। पुलिस लगातार लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करती रही।
गैस रिसाव की जानकारी संबंधित गैस कंपनी को भी तत्काल दी गई। करीब एक घंटे के भीतर कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा उपकरणों के साथ टैंकर की जांच शुरू की और रिसाव के स्रोत की पहचान की। मरम्मत कार्य के दौरान दमकल विभाग और पुलिस की टीम पूरी तरह मुस्तैद रही। पूरे इलाके में एहतियात के तौर पर किसी भी तरह की आग या चिंगारी पर सख्त नजर रखी गई।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति को नियंत्रण में लिया जा सका। यदि थोड़ी भी देर होती, तो गैस के फैलाव से बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, मरम्मत कार्य और सुरक्षा इंतजामों के चलते कोलकाता जाने वाली सड़क पर कई घंटों तक यातायात बंद रहा, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना भारी वाहनों का आवागमन होता है और किसी भी तरह की लापरवाही बड़े खतरे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गैस और रासायनिक पदार्थ ढोने वाले वाहनों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जब गैस रिसाव पूरी तरह बंद कर दिया गया और अधिकारियों ने स्थिति को सुरक्षित घोषित किया, तब जाकर यातायात धीरे-धीरे बहाल किया गया। रविवार को हुई इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि औद्योगिक और राजमार्ग क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। समय रहते की गई कार्रवाई ने जहां एक बड़े हादसे को टाल दिया, वहीं लोगों को कुछ देर की असुविधा झेलनी पड़ी।















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