आसनसोल : शहर के कला, साहित्य और सिनेमा प्रेमियों के लिए मंगलवार को एक उत्साहजनक घोषणा सामने आई। कल्चरल एंड लिटररी फोरम की पहल पर “आसनसोल संस्कृति उत्सव एवं फिल्म फेस्टिवल 2026” को लेकर एक औपचारिक पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई। इस अवसर पर आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी सहित कला, संस्कृति और साहित्य जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए जितेंद्र तिवारी ने कहा कि बीते वर्ष आयोजित आसनसोल फिल्म फेस्टिवल को दर्शकों, फिल्म निर्माताओं और कलाकारों से अप्रत्याशित समर्थन मिला था। उसी सकारात्मक प्रतिक्रिया को आधार बनाकर इस वर्ष आयोजन को और व्यापक, समावेशी और आकर्षक रूप दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि यह महोत्सव 26 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस के दिन प्रारंभ होकर 29 जनवरी तक चलेगा।
चार दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक आयोजन में बांग्ला, हिंदी और उर्दू भाषाओं की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों, संवेदनशील विषयों और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना है। इसके साथ ही हर दिन विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें शास्त्रीय और आधुनिक संगीत, नृत्य, नाट्य प्रस्तुति, कविता पाठ तथा अन्य कलात्मक गतिविधियां शामिल रहेंगी।
जितेंद्र तिवारी ने बताया कि शहर के कलाकारों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों की ओर से लगातार यह मांग उठ रही थी कि फिल्म फेस्टिवल को नियमित रूप से आयोजित किया जाए। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इस बार इसे “संस्कृति उत्सव” के व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि विभिन्न कला विधाओं को एक साझा मंच मिल सके।

आयोजन को सुव्यवस्थित और अनुशासित रखने के लिए इस वर्ष प्रवेश पास प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इससे दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और कार्यक्रमों का संचालन भी सुचारु रूप से हो सकेगा। साथ ही, इस बार दर्शकों के आकर्षण के लिए एक विशेष “सालीजानंद सेल्फी पॉइंट” भी बनाया जाएगा, जहां आगंतुक और कलाकार स्मृतियों को तस्वीरों में कैद कर सकेंगे। यह नवाचार खासकर युवाओं के बीच लोकप्रिय होने की उम्मीद है।
कल्चरल एंड लिटररी फोरम के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महोत्सव के जरिए आसनसोल की सांस्कृतिक पहचान को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह उत्सव न केवल शहर के कलाकारों को मंच देगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी कला और सिनेमा प्रेमियों को आकर्षित करेगा।
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि “आसनसोल संस्कृति उत्सव एवं फिल्म फेस्टिवल 2026” शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा और कला, साहित्य व सिनेमा के माध्यम से समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम सिद्ध होगा।















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