आसनसोल : मंगलवार को सालानपुर क्षेत्र में अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने संयुक्त अभियान चलाकर तस्करों को कड़ा संदेश दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कोयले से लदे दो ट्रकों को जब्त किया गया, जिनमें से एक में लगभग 40 मीट्रिक टन अवैध कोयला पाया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कोयला माफिया के बीच हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मोहनपुर कैंप की सीआईएसएफ टीम और ईसीएल की सुरक्षा शाखा को लंबे समय से सालानपुर और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला ढुलाई की शिकायतें मिल रही थीं। मंगलवार रात मिली पुख्ता सूचना के बाद संयुक्त टीम ने रणनीति बनाकर छापेमारी अभियान शुरू किया। जुबली मोड़ के पास संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखते हुए एक ट्रक को रोका गया। जांच के दौरान चालक से कोयले के वैध कागजात मांगे गए, लेकिन वह कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सुरक्षा बलों ने ट्रक को मौके पर ही जब्त कर लिया।
इसी क्रम में चित्तरंजन रोड के समीप एक अन्य कार्रवाई में लगभग 40 मीट्रिक टन कोयले से भरा दूसरा ट्रक पकड़ा गया। यह ट्रक भी बिना वैध दस्तावेजों के कोयले की ढुलाई कर रहा था। दोनों मामलों में ईसीएल और सीआईएसएफ ने प्रारंभिक जांच के बाद जब्त ट्रकों और कोयले को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर ली है।
ईसीएल अधिकारियों ने बताया कि अवैध कोयला तस्करी न केवल राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इससे खनन क्षेत्रों की सुरक्षा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोयला चोरी और अवैध परिवहन के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। इसके तहत ईसीएल, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कोयले की ढुलाई करने की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं। संवेदनशील मार्गों, मोड़ों और संभावित तस्करी क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है। भविष्य में ऐसे अभियानों की आवृत्ति और बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार फल-फूल रहा था, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही थी। इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि तस्करी पर लगाम लगेगी और कानून का भय कायम होगा।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान यदि किसी संगठित गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत के प्रमाण मिलते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ईसीएल और सीआईएसएफ ने संयुक्त रूप से यह भी कहा कि राष्ट्रीय संपदा की रक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।















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