दुर्गापुर : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोकओवन थाना पुलिस ने सटीक सूचना और सतर्क निगरानी के आधार पर अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा है। इस कार्रवाई में तीन महिलाएं और एक युवक शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है, जिससे पूरे तस्करी नेटवर्क को लेकर कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार से एक दिन पहले बुधवार दोपहर करीब तीन बजे दुर्गापुर रेलवे स्टेशन के समीप की गई। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर रेल मार्ग के जरिए दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही कोकओवन थाना पुलिस की एक टीम सादी वर्दी में इलाके में तैनात कर दी गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी।
बताया गया कि पुलिस की नजर चार लोगों पर पड़ी, जो कई बड़े बैग लेकर स्टेशन क्षेत्र में इधर-उधर घूम रहे थे। उनके हाव-भाव और गतिविधियां सामान्य यात्रियों से अलग प्रतीत हो रही थीं। पुलिस ने जब उन्हें रोका और पूछताछ शुरू की, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अलग-अलग सवालों के जवाब में उनके बयानों में विरोधाभास सामने आया, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया।
इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत बैगों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। बैगों के भीतर पैक कर रखी गई भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए गांजे का कुल वजन 31 किलो 92 ग्राम है। बरामदगी के बाद मौके पर ही चारों को हिरासत में ले लिया गया और थाने ले जाकर उनसे विस्तृत पूछताछ शुरू की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड की रहने वाली रोज नीलिमा तिग्गा (33), सुंदरी कुमारी (25), मनीष कुमार सिंह (21) तथा ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले की निवासी अनीता धुनिया (30) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ये सभी एक संगठित गिरोह के लिए काम कर रहे थे और गांजा एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी गई थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि गांजा तस्करी का यह नेटवर्क झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों तक फैला हुआ है। दुर्गापुर रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा था, ताकि भीड़ का फायदा उठाकर आसानी से मादक पदार्थों की तस्करी की जा सके। हालांकि पुलिस ने समय रहते इस योजना को विफल कर दिया।
आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गुरुवार को सभी आरोपियों को आसनसोल उपमंडल न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस सात दिनों की रिमांड की मांग करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस गिरोह के पीछे कौन लोग हैं, गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाना था।
पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं। जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्कर या संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और निगरानी को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे अभियान बेहद जरूरी हैं। पुलिस प्रशासन ने भी साफ किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।















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