आसनसोल : शनिवार की भोर में आसनसोल के बर्नपुर क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में दहशत और कई सवाल खड़े कर दिए। हीरापुर थाना अंतर्गत करीम डंगाल मोहल्ले में नमाज अदा करने के लिए घर से निकले ग्रिल व्यवसायी मोहम्मद सरफुद्दीन की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। यह वारदात न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि इसमें मिले तथ्यों ने मामले को और भी उलझा दिया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 35 वर्षीय मोहम्मद सरफुद्दीन शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे रोज़ की तरह नमाज के लिए घर से निकले थे। सुबह का समय होने के कारण सड़कें लगभग सुनसान थीं। इसी दौरान अचानक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि बाइक सवारों ने सरफुद्दीन पर हमला किया और फायरिंग भी की गई। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली सीधे उन्हें लगी या नहीं।
घटना के बाद मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि उन्होंने गोलियों जैसी आवाज सुनी, जिसके बाद आसपास के लोग और परिजन दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। वहां सरफुद्दीन खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े मिले। उनके चेहरे और विशेषकर नाक पर गंभीर चोट के निशान थे। परिजन तत्काल उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना को और रहस्यमय बना दिया घटनास्थल से पुलिस द्वारा बरामद पिस्तौल और कारतूस के खोखे ने। पुलिस को मौके से एक हथियार मिला है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वारदात के दौरान फायरिंग हुई थी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि मौत गोली लगने से हुई या किसी अन्य कारण से।
घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया। एसीपी (हीरापुर) इप्सिता दत्त और सर्किल इंस्पेक्टर अशोक सिंह महापात्र के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।

मृतक के भाई मोहम्मद जैनुल ने बताया कि सरफुद्दीन का किसी से कोई पुराना विवाद नहीं था। वे एक साधारण व्यवसायी थे और बर्नपुर इलाके में ग्रिल की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी, ऐसे में इस तरह की वारदात ने उन्हें पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है।
वहीं मृतक के भतीजे मोहम्मद सानू ने अलग आशंका जताई। उनका कहना है कि उनके चाचा को गोली सीधे नहीं लगी थी। संभव है कि हमले के दौरान वे घबरा गए हों या धक्का लगने से गिर पड़े हों, जिससे उनकी नाक पर गहरी चोट आई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि यह केवल पारिवारिक अनुमान है और सच्चाई चिकित्सकीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने और आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की मदद से बाइक सवार हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
इस घटना के बाद करीम डंगाल और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। सुबह-सुबह नमाज के लिए निकले व्यक्ति की इस तरह मौत ने आम नागरिकों में भय पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि सुबह के समय भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। शनिवार को हुई यह संदिग्ध मौत अब एक बड़े सवाल में बदल चुकी है—क्या यह सुनियोजित हमला था, या किसी और कारण से हुई दुर्घटना? इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल पूरा इलाका इस अनसुलझी गुत्थी के जवाब का इंतजार कर रहा है।















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