आसनसोल : मंगलवार को पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत देते हुए आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़े स्तर पर तबादले किए गए। पुलिस विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल ने न केवल प्रशासनिक हलकों, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं को तेज कर दिया है। चुनावी माहौल के बीच इसे कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार के गृह विभाग के अधीन आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आदेश संख्या 282/2026 जारी किया गया, जिसकी तिथि 27 जनवरी 2026 है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह तबादले जनहित और प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना विलंब अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित करें।
जारी तबादला सूची के अनुसार, कमिश्नरेट क्षेत्र के अनेक थानों और पुलिस चौकियों में नई नियुक्तियां की गई हैं। हिरापुर, पांडाबेश्वर, एनटीएस, फरीदपुर, कोक ओवन, सांकटोरिया, पंजाबी मोड़, आसनसोल नॉर्थ, बुदबुद, अंडाल, कण्यापुर, चुरुलिया, बिधाननगर, बाराकर, आसनसोल साउथ और जहांगिरी महल्ला जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में प्रभारी अधिकारियों को बदला गया है। इसके साथ ही कई सब-इंस्पेक्टर (यूबी) और लेडी सब-इंस्पेक्टर (यूबी) के भी कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को स्थानांतरित कर प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की नीति के तहत लिया गया है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था की मजबूती बनाए रखने के लिए अनुभवी और सक्रिय अधिकारियों की तैनाती को प्राथमिकता दी गई है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से सतर्कता बरतने के संकेत भी इस तबादले से मिलते हैं।
हालांकि आधिकारिक बयान में इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह का व्यापक फेरबदल सामान्य नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, यह कदम संभावित तनाव, आचार संहिता के पालन और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण रखने की रणनीति का हिस्सा है।

तबादला आदेश की प्रतिलिपि सभी डीसीपी, एडीसी, एसीपी, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज, थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है, ताकि नई व्यवस्था तुरंत प्रभावी हो सके। वहीं पुलिस महकमे के भीतर भी इसे जिम्मेदारियों में बदलाव के साथ नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, मंगलवार को हुआ यह प्रशासनिक फेरबदल आने वाले चुनावी महीनों में पुलिस की भूमिका को और अधिक निर्णायक बनाने की तैयारी का संकेत देता है। यह स्पष्ट है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अभी से पूरी तरह सतर्क और सक्रिय मोड में आ चुका है।
















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