आसनसोल : मंगलवार को आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने बर्नपुर स्थित दामोदर घाट का निरीक्षण कर अवैध बालू खनन के मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा प्रहार किया। नदी किनारे की स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि दामोदर नदी आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण खुलेआम चल रहा अवैध बालू उत्खनन है।
विधायक ने आरोप लगाया कि दामोदर नदी की तलहटी से लगातार बालू निकाले जाने के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। ये गड्ढे खासकर उन स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं, जो रोजमर्रा के कामों के लिए नदी किनारे आते हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई बार दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
अग्निमित्रा पाल ने चिंता जताई कि अवैध खनन के चलते नदी पर बने पाइपलाइन ब्रिज के पिलर बुरी तरह कमजोर हो चुके हैं। यही पाइपलाइन आसपास के गांवों के लिए जीवनरेखा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने स्पष्ट खतरे के बावजूद कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा है।
विधायक ने आरोप लगाया कि यह अवैध कारोबार स्थानीय प्रशासन और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में फल-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की बजाय उन्हें अप्रत्यक्ष संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे नदी और आम जनता दोनों खतरे में हैं।
जलापूर्ति की समस्या पर प्रकाश डालते हुए विधायक ने बताया कि पिछले वर्ष मई महीने में काला झरिया इलाके में दामोदर से जुड़ी जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। हैरानी की बात यह है कि लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। इसका सीधा असर 91 गांवों पर पड़ा है, जहां के लोग आज भी पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर आसनसोल नगर निगम ने पानी के टैंकर लगाए थे, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने के कारण टैंकर मालिकों ने सेवा बंद कर दी। भाजपा के हस्तक्षेप और बातचीत के बाद कुछ इलाकों में दोबारा टैंकर सेवा शुरू हो सकी है, लेकिन यह समाधान स्थायी नहीं है। विधायक ने सवाल किया कि आखिर कब तक लोग अस्थायी इंतजामों के सहारे जीवन बिताएंगे।
दामोदर घाट पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत के दौरान विधायक ने कहा कि नदी सिर्फ जलस्रोत नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भी है। यदि इसे बचाने के लिए अभी कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियां दामोदर को केवल तस्वीरों में ही देख पाएंगी।
अग्निमित्रा पाल ने प्रशासन से अविलंब अवैध बालू खनन पर रोक लगाने, जर्जर ब्रिज और पाइपलाइन की मरम्मत कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगी।
















Users Today : 34
Users Yesterday : 23