आसनसोल : बुधवार को बाराबनी क्षेत्र अंतर्गत ईसीएल के श्रीपुर सातग्राम इलाके की भानोड़ा कोलियरी एक बार फिर चर्चा में रही। वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के मामले में बुधवार को पुलिस की सक्रियता अचानक बढ़ गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल का माहौल बन गया। कंपनी के आवासों पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ जांच के लिए बाराबनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

ईसीएल प्रबंधन के अनुसार, भानोड़ा कोलियरी के आवासीय परिसर में कई वर्ष पहले करीब दस लोगों ने क्वार्टरों का ताला तोड़कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। यह आवास मूल रूप से कंपनी कर्मियों के लिए बनाए गए थे, लेकिन लंबे समय से उन पर बाहरी लोगों का कब्जा बना हुआ है। प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में कई बार नोटिस और पत्र भेजकर कब्जाधारियों को स्वेच्छा से आवास खाली करने को कहा गया, लेकिन इसका अपेक्षित असर नहीं पड़ा।
हालांकि, कंपनी की लगातार सख्ती और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद तीन अवैध कब्जाधारियों ने क्वार्टर खाली कर दिए। इसके बावजूद कुछ लोग अब भी आवासों पर जमे हुए हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया है। ईसीएल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रकरण वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए कंपनी किसी भी तरह की कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर ही कर रही है।

बुधवार को जब बाराबनी थाना पुलिस जांच के लिए भानोड़ा कोलियरी पहुंची, तो उनके साथ ईसीएल के पर्सनल मैनेजर और सुरक्षा विभाग के कर्मी भी मौजूद थे। पुलिस टीम ने अवैध कब्जों से जुड़े तथ्यों की जांच की, आवासों की स्थिति देखी और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इस दौरान आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी देखा गया, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रित बनी रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह मुद्दा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि अवैध कब्जों के कारण कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आवासीय व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई बार कंपनी कर्मचारियों को आवास की कमी का सामना करना पड़ता है, जबकि क्वार्टरों पर अवैध कब्जा बना रहता है।

ईसीएल प्रबंधन ने एक बार फिर दोहराया कि कंपनी अपनी संपत्तियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों के अनुसार, उच्च न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण हर कदम कानूनी सलाह के बाद ही उठाया जा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि कानून के अनुसार जो भी निर्णय आएगा, उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है और आवश्यक होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
बुधवार की इस पुलिसिया हलचल ने यह संकेत दे दिया है कि भानोड़ा कोलियरी के अवैध कब्जों का मामला अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में उच्च न्यायालय के निर्देश और प्रशासनिक कदम यह तय करेंगे कि कंपनी को अपनी संपत्तियां कब और कैसे वापस मिल पाती हैं।














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