आसनसोल : शुक्रवार की सुबह आसनसोल के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर स्थित शीतला मोड़ एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बना। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान विकास शानदार के रूप में हुई है। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया, वहीं स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

परिजनों के अनुसार, विकास सुबह अपने घर से निकलकर सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रहे एक भारी ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और कुछ ही देर में गुस्सा सड़कों पर उतर आया।
शुक्रवार को हुए इस हादसे के विरोध में स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि शीतला मोड़ पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं की एक और कड़ी है।
स्थानीय नागरिकों ने शीतला मोड़ को “मौत का मोड़” बताते हुए कहा कि यह इलाका लंबे समय से खतरनाक ब्लैक स्पॉट बन चुका है। आए दिन यहां तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से फ्लाईओवर या अंडरपास निर्माण की मांग की जा रही है, पर अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।

प्रदर्शन के दौरान तैनात सिविक वॉलिंटियरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। लोगों का कहना था कि ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और जो कर्मी तैनात हैं, वे प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे। तेज रफ्तार वाहनों पर न तो कोई निगरानी है और न ही स्पीड कंट्रोल के उपाय किए गए हैं, जिसके कारण हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है।
आक्रोशित लोगों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में शीतला मोड़ पर शीघ्र ब्रिज या फ्लाईओवर निर्माण, स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाने, तथा स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। समझाइश के बाद जाम हटाया गया और यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, वहीं फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है।
शुक्रवार का यह हादसा एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया है कि आखिर कब तक सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज किया जाता रहेगा और कब शीतला मोड़ जैसे खतरनाक स्थानों पर स्थायी समाधान निकाला जाएगा।















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