आसनसोल : शनिवार को आसनसोल नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। वेतन वृद्धि सहित चार सूत्री मांगों के समर्थन में सफाई कर्मियों ने कम बंद कर नगर निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम कार्यालय में मेयर विधान उपाध्याय स्वयं मौजूद थे और उन्होंने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की मांगों को लेकर पत्रकारों से विस्तार से बातचीत की। मेयर के बयान के बाद भी कर्मचारियों में असंतोष पूरी तरह खत्म नहीं हो सका, हालांकि निगम प्रशासन ने कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया।

मेयर विधान उपाध्याय ने सबसे पहले वेतन वृद्धि की मांग पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के वेतन में लगभग एक वर्ष पहले बढ़ोतरी की जा चुकी है। वर्तमान वित्तीय परिस्थिति में एक बार फिर तत्काल वेतन वृद्धि करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि निगम को अपने संसाधनों और बजट को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लेना पड़ता है, ताकि अन्य जरूरी नागरिक सेवाओं पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।
प्रोविडेंट फंड को लेकर सफाई कर्मचारियों की शिकायतों पर मेयर ने सफाई देते हुए कहा कि मार्च 2025 तक कर्मचारियों के पीएफ की राशि उनके खातों में नियमित रूप से जमा की गई है। इसके बाद तकनीकी कारणों से कुछ समय तक राशि जमा नहीं हो पाई, जिससे कर्मचारियों में भ्रम और नाराजगी पैदा हुई। मेयर के अनुसार, इस तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया गया है और बहुत जल्द फिर से पीएफ की राशि कर्मचारियों के खातों में जाना शुरू हो जाएगी।
सफाई कर्मियों को कैजुअल वर्कर की मान्यता देने की मांग पर मेयर ने कहा कि यह एक नीतिगत विषय है, जिस पर जल्दबाजी में फैसला नहीं लिया जा सकता। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ बैठक करनी होगी। बैठक के बाद सभी पहलुओं पर विचार कर ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की मांगों को पूरी गंभीरता से सुना जा रहा है।

इसी दौरान ‘आमार पाड़ा, आमार समाधान’ परियोजना को लेकर पूछे गए सवालों पर मेयर विधान उपाध्याय ने बताया कि इस योजना के तहत आसनसोल नगर निगम क्षेत्र से लगभग 3600 कार्यों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 700 कार्यों के टेंडर हो चुके हैं और कई स्थानों पर काम शुरू भी कर दिया गया है। फंड को लेकर उठे सवालों पर मेयर ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से फिलहाल 1000 कार्यों के लिए धनराशि आवंटित की गई है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी 3600 कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक फंड का आवंटन कर दिया जाएगा। ठेकेदारों को भरोसा दिलाते हुए मेयर ने कहा कि धन की कमी के कारण किसी भी विकास कार्य को रोका नहीं जाएगा और सभी योजनाएं समय पर पूरी की जाएंगी।
जब मेयर से यह सवाल किया गया कि क्या सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के पीछे किसी तरह की राजनीतिक साजिश है और क्या चुनाव से पहले सत्ता पक्ष को परेशान करने के लिए विरोधी दलों द्वारा ऐसा किया जा रहा है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। मेयर ने स्पष्ट कहा कि यह कर्मचारियों की अपनी मांगें हैं, जिन्हें वे प्रबंधन के सामने रख रहे हैं। आंदोलन करना उनका अधिकार है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर शनिवार का दिन नगर निगम के लिए तनावपूर्ण जरूर रहा, लेकिन प्रशासन की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि बातचीत के जरिए जल्द ही कोई समाधान निकाला जा सकेगा।















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