रानीगंज : रविवार को सामाजिक सरोकार और शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी की मिसाल पेश करते हुए आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन ने एक बार फिर माध्यमिक परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत वर्ष 2026 की माध्यमिक परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए किसी भी प्रकार का बस किराया नहीं देना होगा। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क होगी और परीक्षा अवधि तक जारी रहेगी।
आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन के महासचिव सुदीप राय ने रविवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि 2 फरवरी, सोमवार से माध्यमिक परीक्षा 2026 की शुरुआत हो रही है, जो 12 फरवरी तक चलेगी। इस पूरे समय के दौरान परीक्षार्थी अपने घर से परीक्षा केंद्र और परीक्षा केंद्र से घर तक मिनी बसों में बिना कोई शुल्क चुकाए यात्रा कर सकेंगे। एसोसिएशन का उद्देश्य है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
महासचिव सुदीप राय ने बताया कि इस वर्ष माध्यमिक परीक्षा में कुल 30 हजार 497 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें से आसनसोल महकमे से 18 हजार 14 और दुर्गापुर महकमे से 12 हजार 863 छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। पूरे क्षेत्र में कुल 87 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परीक्षार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 2,068 अधिक छात्र माध्यमिक परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, जिससे परिवहन की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

एसोसिएशन ने इसी बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है कि परीक्षा अवधि में परीक्षार्थियों से बस किराया नहीं लिया जाएगा। सुदीप राय ने कहा कि शिक्षा समाज की नींव है और परीक्षा के समय छात्रों को मानसिक तनाव के साथ-साथ आर्थिक चिंता से भी मुक्त रखना जरूरी है। यही सोच इस निःशुल्क सेवा के पीछे है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा चित्तरंजन से रानीगंज, रानीगंज से पाण्डेश्वर, अंडाल, उखड़ा, जामुड़िया से लेकर पानागढ़ तक चलने वाली मिनी बसों में उपलब्ध रहेगी। इन सभी रूटों पर माध्यमिक परीक्षार्थी बिना भुगतान यात्रा कर सकेंगे। हालांकि, दुर्गापुर टाउनशिप क्षेत्र को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इस संबंध में सुदीप राय ने बताया कि दुर्गापुर टाउनशिप में चलने वाली बसों या मिनी बसों की ओर से इस प्रकार की कोई पहल नहीं की गई है, इसलिए उस क्षेत्र को इस निर्णय में शामिल नहीं किया गया।
आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन ने अपने इस निर्णय की लिखित जानकारी जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों को भी दे दी है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर सभी को इसकी सूचना रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो। एसोसिएशन का कहना है कि प्रशासन के सहयोग से यह व्यवस्था और अधिक सुचारु रूप से लागू की जा सकेगी।
स्थानीय अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि परीक्षा के दिनों में परिवहन खर्च एक अतिरिक्त बोझ बन जाता है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। ऐसे में निःशुल्क बस सेवा न केवल आर्थिक राहत देगी, बल्कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में भी मददगार साबित होगी।
रविवार को इस घोषणा के बाद शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों में भी चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि यदि अन्य परिवहन संगठन भी इसी तरह आगे आएं, तो शिक्षा के क्षेत्र में यह एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन की यह पहल निश्चय ही विद्यार्थियों के लिए संबल और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।

















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