आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में मंगलवार को भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट सकी। नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार पांचवें दिन हड़ताल पर डटे रहे। मंगलवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में सफाई कर्मी आसनसोल नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और वेतन वृद्धि सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इससे नगर निगम परिसर के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी गहमागहमी का माहौल बन गया।

हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से नगर निगम के अंतर्गत काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वे अधिकार और सुविधाएं नहीं दी जा रहीं, जिनके वे हकदार हैं। सफाई कर्मियों के अनुसार, कम वेतन, स्थायी नियुक्ति की अनिश्चितता और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की कमी के कारण उनका जीवन कठिन होता जा रहा है। इसी वजह से वे मजबूरी में हड़ताल का रास्ता अपनाने को विवश हुए हैं।
मंगलवार को नगर निगम पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन और कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि पहले भी कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन वे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वे शहर की सफाई व्यवस्था की अहम कड़ी हैं, इसके बावजूद उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
दूसरी ओर, सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर आम जनता पर साफ तौर पर दिखने लगा है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं, दुर्गंध फैल रही है और लोगों को संक्रमण का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

इस पूरे मामले पर जब आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी से बात की गई, तो उन्होंने हड़ताल को अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की इस तरह की हड़ताल से सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों को हो रहा है। यहां तक कि जो सफाई कर्मचारी स्वयं आसनसोल के निवासी हैं, उन्हें भी गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
चेयरमैन ने सफाई कर्मियों से अपील की कि वे शहरहित को ध्यान में रखते हुए अपनी हड़ताल पर पुनर्विचार करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। अमरनाथ चटर्जी ने बताया कि प्रत्येक बोरो से कम से कम 15 सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी और जो मांगें व्यावहारिक रूप से पूरी की जा सकती हैं, उन पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी शहर को साफ-सुथरा रखना है। इसके लिए आवश्यक है कि सफाई कर्मचारी पहले काम पर लौटें, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। इसके बाद बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता निकाला जाएगा।
कुल मिलाकर, मंगलवार को भी आसनसोल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और नगर निगम प्रशासन के बीच गतिरोध बना रहा। अब शहरवासियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बातचीत कब शुरू होती है और क्या इससे हड़ताल समाप्त होकर शहर की सफाई व्यवस्था फिर से सामान्य हो पाती है या नहीं।















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