आसनसोल : शुक्रवार को शहर के प्रतिष्ठित श्री हरी ग्लोबल स्कूल परिसर में वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं का उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। सुबह से ही विद्यालय का वातावरण रंग-बिरंगी वेशभूषा, हर्षोल्लास और अनुशासन की छटा से सराबोर नजर आया। इस बार कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के बजाय विद्यालय ध्वज के आरोहण के साथ की गई, जिसके बाद खेल गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ घोषित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बंगाल श्रीष्टि के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस.बी. सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर बंगाल श्रीष्टि के हेड ऑफ ऑपरेशंस बिनय चौधरी तथा प्रख्यात शिक्षाविद अशोक सिंह ने भी भागीदारी निभाई। अतिथियों का विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्वागत किया गया और छात्रों ने मार्च-पास्ट के माध्यम से उन्हें सलामी दी।

ध्वजारोहण के बाद खेल मैदान में अनुशासित पंक्तियों में खड़े विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ शपथ ली कि वे खेल भावना को सर्वोपरि रखते हुए प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। पूरे परिसर में बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास और उमंग साफ झलक रही थी। अभिभावकों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।

मुख्य अतिथि एस.बी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खेल शिक्षा का अभिन्न अंग हैं। इससे न केवल शारीरिक क्षमता विकसित होती है, बल्कि टीम भावना, नेतृत्व कौशल और अनुशासन भी मजबूत होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि बिनय चौधरी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं शिक्षाविद अशोक सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा जीवन का हिस्सा है और खेल हमें हार-जीत दोनों को स्वीकार करना सिखाते हैं।

इसके बाद विभिन्न आयु वर्गों के लिए निर्धारित दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, ऊंची कूद और अन्य खेल प्रतियोगिताएं शुरू हुईं। प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ प्रदर्शन किया और दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों की टीम पूरे आयोजन के दौरान मैदान में व्यवस्था संभालती नजर आई।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि वार्षिक खेलकूद का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाना और उनकी छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। दिनभर चलने वाली प्रतियोगिताओं के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता से ही विद्यार्थियों का पूर्ण विकास संभव है। विद्यालय परिसर देर तक बच्चों की उत्साहपूर्ण गतिविधियों और जयघोष से गूंजता रहा।















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