रानीगंज : शनिवार की शाम रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक तापमान उस समय बढ़ गया, जब आसनसोल सांगठनिक जिला भाजपा युवा मोर्चा ने ‘नौकरी चाहिए बंगाल’ अभियान के तहत एक जनसभा आयोजित की। मंडल-1 के सियारशोल राजबाड़ी मोड़ पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया। सभा के जरिए भाजपा ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर रोजगार सृजन में विफल रहने का आरोप लगाते हुए युवाओं से संगठित संघर्ष का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बिष्णुपुर के सांसद एवं भाजपा के प्रदेश महासचिव सौमित्र खां मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आसनसोल सांगठनिक जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, नमो युवा वारियर्स के जिला संयोजक अभिक कुमार मंडल, मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह तथा पर्यवेक्षक आशा शर्मा मंच पर मौजूद थे। नेताओं के आगमन के साथ ही कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर माहौल को राजनीतिक रंग दे दिया।
सभा को संबोधित करते हुए सांसद सौमित्र खां ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का शिक्षित युवा आज रोजगार की तलाश में भटक रहा है, लेकिन सरकार ठोस नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के बजाय योजनाओं और घोषणाओं के सहारे समय काट रही है। उनके मुताबिक युवाओं को अस्थायी राहत या भत्ता नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार चाहिए, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा युवाओं की आवाज को सड़क से सदन तक उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बेरोजगारी का मुद्दा आने वाले समय में सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल बनने वाला है।
सांसद ने बकाया महंगाई भत्ता (डीए) के विषय को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद यदि कर्मचारियों को उनका अधिकार नहीं मिलता है, तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना चाहिए। उनके इस बयान पर सभा स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया।

भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार के हालिया बजट पर भी सवाल खड़े किए। वक्ताओं का कहना था कि विभिन्न सामाजिक योजनाओं में राशि बढ़ाने या भत्ता देने की घोषणाएं चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। उनका आरोप था कि सरकार मूल समस्या—रोजगार के अवसर—पर ध्यान नहीं दे रही। नेताओं ने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं की सबसे बड़ी मांग नौकरी है, न कि सीमित आर्थिक सहायता।
जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में कई भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में घिरी रहीं, जिससे युवाओं का भरोसा टूटा है। उन्होंने दावा किया कि पारदर्शी और मेरिट आधारित नियुक्ति ही समाधान है। भाजपा युवा मोर्चा आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर जनजागरण अभियान को और तेज करेगा।
सभा में मौजूद अन्य नेताओं ने भी युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संगठित आवाज ही परिवर्तन का आधार बनती है। कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं ने हाथ उठाकर रोजगार की मांग के समर्थन में अपनी सहमति जताई।

स्थानीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार का मुद्दा तेजी से केंद्र में आ रहा है। विभिन्न दल अपने-अपने तरीके से युवाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की सभाएं राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बनती जा रही हैं।
सभा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, लेकिन इसने यह संकेत जरूर दे दिया कि आने वाले समय में रोजगार को लेकर सियासी बहस और तेज होगी। शनिवार की इस हुंकार ने रानीगंज में राजनीतिक हलकों का ध्यान खींच लिया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार तथा अन्य दल इस चुनौती का किस तरह जवाब देते हैं।















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