आसनसोल : शनिवार को आसनसोल नगर निगम में हुई महत्वपूर्ण वार्ता के बाद लंबे समय से जारी सफाई कर्मियों का आंदोलन स्थगित हो गया। नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, उप-मेयर अभिजीत घटक तथा मेयर परिषद सदस्य गुरदास चटर्जी की मौजूदगी में कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बातचीत हुई। बैठक के अंत में कर्मियों ने काम पर लौटने की घोषणा की, जिससे शहरवासियों ने बड़ी राहत महसूस की।

पिछले कई दिनों से सफाई कार्य ठप रहने के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरे का ढेर जमा हो गया था। गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक गंदगी फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दुर्गंध, मच्छरों की बढ़ती संख्या और संभावित बीमारियों की आशंका ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी थी। व्यापारी वर्ग, स्कूलों के आसपास के इलाके और बाजार क्षेत्रों में हालात विशेष रूप से गंभीर बताए जा रहे थे। ऐसे में शनिवार की वार्ता को निर्णायक माना जा रहा था।
बैठक में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को मजबूती से रखा। उनका कहना था कि वे लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन संरचना में सुधार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि काम की प्रकृति कठिन है, लेकिन सुविधाएं अपेक्षित स्तर की नहीं हैं। इसलिए प्रशासन को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि तत्काल वेतन वृद्धि पर निर्णय लेना संभव नहीं है। हालांकि, कर्मचारियों को राज्य सरकार के अधीन अस्थायी कर्मी के रूप में मान्यता दिलाने के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी और संबंधित विभागों के साथ आवश्यक संवाद स्थापित किया जाएगा।
चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मियों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है और कई जगहों पर काम भी शुरू हो गया है। उनका कहना था कि नगर निगम का प्राथमिक लक्ष्य शहर को जल्द से जल्द स्वच्छ बनाना है।
उप-मेयर अभिजीत घटक ने भी कर्मचारियों के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जहां-जहां कचरा जमा है, वहां अतिरिक्त गाड़ियों और कर्मियों को लगाकर त्वरित सफाई कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर निजी संसाधनों की मदद भी ली जा सकती है।

मेयर परिषद सदस्य गुरदास चटर्जी ने कहा कि आंदोलन का समाधान संवाद से ही संभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी किसी समस्या के समाधान के लिए वार्ता का रास्ता अपनाया जाएगा। उनका कहना था कि नगर निगम कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और नियमों के दायरे में रहकर हर संभव सहायता करेगा।
हड़ताल समाप्त होने की खबर मिलते ही आम नागरिकों में राहत का माहौल देखा गया। कई लोगों ने उम्मीद जताई कि अब बाजार, अस्पताल, स्कूल और आवासीय क्षेत्रों में सफाई का काम तेजी से होगा। व्यापारियों का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही पर असर पड़ रहा था, जो अब सुधरने की उम्मीद है।
हालांकि कुछ नागरिकों ने यह भी कहा कि समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उनका मानना है कि कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन की सीमाओं के बीच संतुलन बनाकर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए।
फिलहाल नगर निगम ने सफाई कार्य को मिशन मोड में शुरू करने का दावा किया है। आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि शहर को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लाने में कितना समय लगता है। लेकिन इतना तय है कि शनिवार की वार्ता ने गतिरोध तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आसनसोल ने राहत की एक बड़ी सांस ली है।















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