आसनसोल : आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल की घोषणा के साथ ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस आयुक्त की ओर से जारी आदेश में आईसी, एसआई और एएसआई रैंक के कुल 22 अधिकारियों के स्थानांतरण का उल्लेख है। नई तैनाती के साथ विभिन्न थानों और इकाइयों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है, जिसे कानून-व्यवस्था को अधिक चुस्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

जारी आदेश के मुताबिक कुछ नियुक्तियों में अंतिम क्षणों में बदलाव भी किए गए, जिसने महकमे के भीतर चर्चा को और बढ़ा दिया। विशेष शाखा से जुड़े मनोरंजन मंडल को पहले बुदबुद थाना प्रभारी बनाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन बाद में संशोधित आदेश जारी कर उन्हें पुनः एसबी एडीपीसी की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस तरह के त्वरित परिवर्तन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे प्रशासनिक आवश्यकता बताया गया है।
इसी क्रम में अंडाल थाना के प्रभारी रहे अखिल मुखर्जी को डिटेक्टिव डिपार्टमेंट में नई जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह बनबहाल ओपी के आईसी अभिजीत सिंह रॉय को अंडाल थाना का ओसी बनाया गया है। वहीं कल्याणेश्वरी फांड़ी के आईसी लालटू कुमार पखीड़ा को बुदबुद थाना की कमान सौंपी गई है। अन्य अधिकारियों के भी अलग-अलग इकाइयों में स्थानांतरण किए गए हैं, जिससे कई थानों में नेतृत्व का चेहरा बदल गया है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक चुनौतियों, औद्योगिक गतिविधियों और आगामी प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। कमिश्नरेट चाहता है कि अनुभवी अधिकारियों की तैनाती ऐसे स्थानों पर हो, जहां त्वरित निर्णय और कड़ी निगरानी की आवश्यकता है। इसे कार्यकुशलता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

तबादलों के बाद अब नए पदस्थापित अधिकारियों के सामने अपने-अपने इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, लंबित मामलों की समीक्षा करने और जनता से बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि नई जिम्मेदारियां संभालते ही अधिकारी सक्रियता दिखाएंगे और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाएंगे।
हालांकि इस बड़े पैमाने पर हुए बदलाव ने महकमे के भीतर उत्सुकता भी बढ़ा दी है। कर्मचारी यह जानने की कोशिश में हैं कि आगे और किस स्तर पर परिवर्तन हो सकते हैं। कई थानों में विदाई और स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
पुलिस आयुक्तालय की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन एक साथ इतनी संख्या में हुए स्थानांतरण से यह साफ है कि व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इन बदलावों का जमीनी असर क्या पड़ता है और आम जनता को सुरक्षा व्यवस्था में कितना सुधार महसूस होता है।















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