आसनसोल : पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी प्रकरण को लेकर जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। एजेंसी की इस पहल को जांच की निर्णायक दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, अधिकारी को साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पेश होने के लिए समन भेजा गया है। इससे पहले भी उन्हें सप्ताह की शुरुआत में बुलाया गया था, किंतु निर्धारित तिथि पर वे एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद जांच अधिकारियों ने दोबारा नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया कि मामले को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
जांच एजेंसी लंबे समय से इस बात की पड़ताल कर रही है कि तस्करी के दौरान कथित तौर पर अवैध लेन-देन किस प्रकार से संचालित हुआ और किन-किन स्तरों पर संरक्षण प्रदान किया गया। अधिकारियों का मानना है कि यदि संबंधित व्यक्तियों से विस्तार से पूछताछ होती है तो कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो पूरे नेटवर्क को समझने में मददगार होंगी।
मनोरंजन मंडल का नाम कथित रूप से उस समय चर्चा में आया था जब ‘प्रोटेक्शन मनी’ के बड़े लेन-देन की बात सामने आई। प्रशासनिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया गया था और उन्हें पूर्व पदस्थापन से हटाकर अन्य शाखा में भेज दिया गया था। अब केंद्रीय एजेंसी इन्हीं तथ्यों को आधार बनाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
इसी क्रम में एजेंसी ने प्रबीर दत्त नामक एक व्यवसायी को भी तलब किया है, जिनका संबंध दुर्गापुर के सेपको टाउनशिप से बताया जा रहा है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि वित्तीय लेन-देन की परतों को खोलकर यह समझा जाए कि अवैध धन किस रास्ते से और किन लोगों तक पहुंचा। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाले बयान और दस्तावेज आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।

सूत्र बताते हैं कि अब जांच अपने ऐसे चरण में पहुंच चुकी है, जहां तथ्यों का मिलान और आमने-सामने पूछताछ बेहद अहम हो गई है। यदि संबंधित लोग उपस्थित होते हैं तो कई बिंदुओं पर स्पष्टता आने की संभावना है। इससे पहले भी एजेंसी बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर चुकी है।
शुक्रवार को जारी समन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को भी पूछताछ के दायरे में लाया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर एजेंसी ने इस बारे में कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।
केंद्रीय एजेंसी की सक्रियता से यह संकेत मिल रहा है कि वह मामले को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समन के बाद पूछताछ में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और जांच किस मोड़ पर पहुंचती है। फिलहाल इतना तय है कि कोयला तस्करी प्रकरण में कार्रवाई का सिलसिला थमने वाला नहीं है।















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