आसनसोल : आगामी 15 फरवरी को होने वाले महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से बराकर स्थित फांड़ी परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित कर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय बनाने पर जोर दिया।

हर बड़े धार्मिक आयोजन से पहले होने वाली इस तरह की बैठकों का उद्देश्य संभावित चुनौतियों का आकलन कर समय रहते रणनीति तैयार करना होता है। इसी कड़ी में बराकर क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों, जुलूस मार्ग और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में एसीपी कुल्टी शेख जावेद, फांड़ी प्रभारी मेघनाथ मंडल, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, पूजा समितियों के सदस्य तथा स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अधिकारियों ने साफ कहा कि आस्था के इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है।
चर्चा के दौरान महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शोभायात्राओं का मुद्दा प्रमुख रहा। पुलिस ने आयोजकों को निर्देश दिया कि डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार के उत्तेजक, भड़काऊ या सांप्रदायिक भावना को आहत करने वाले गीतों पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन का कहना था कि थोड़ी सी लापरवाही भी माहौल खराब कर सकती है, इसलिए संयम और सतर्कता दोनों आवश्यक हैं।
अधिकारियों ने जुलूस के तय मार्ग और समय सीमा का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति मार्ग परिवर्तन या अतिरिक्त कार्यक्रम की इजाजत नहीं होगी। ध्वनि प्रदूषण से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी, ताकि आम लोगों को असुविधा न हो।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत योजना साझा की गई। प्रमुख मंदिरों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने का संदेश भी बैठक में दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि त्योहार आनंद और भक्ति का अवसर होता है। इसे आपसी भाईचारे के साथ मनाना सभी की जिम्मेदारी है। यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मौजूद नागरिक प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया। उनका कहना था कि बराकर क्षेत्र हमेशा से सौहार्द की मिसाल रहा है और आगे भी इसे कायम रखा जाएगा।
शुक्रवार की इस बैठक के जरिए प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि महाशिवरात्रि के दौरान किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समन्वय, सतर्कता और सामूहिक भागीदारी के दम पर पर्व को शांतिपूर्ण बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अब उम्मीद की जा रही है कि श्रद्धालु पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भगवान शिव की आराधना में शामिल होंगे और क्षेत्र में सद्भाव का वातावरण कायम रहेगा।















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