दुर्गापुर : दुर्गापुर स्थित IQ City Medical College and Hospital में रविवार सुबह उस समय स्तब्धता फैल गई, जब एक छात्र का शव हॉस्टल परिसर में संदिग्ध परिस्थिति में मिलने की खबर सामने आई। जैसे ही घटना की जानकारी अन्य विद्यार्थियों और प्रबंधन को हुई, पूरे परिसर में शोक और चिंता का वातावरण छा गया।
मृतक की पहचान 22 वर्षीय लावण्य प्रताप के रूप में हुई है। वह एमबीबीएस पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी था और मूल रूप से पटना का रहने वाला बताया गया है। सहपाठियों के अनुसार वह सामान्य रूप से मिलनसार था, हालांकि पढ़ाई का दबाव सभी छात्रों की तरह उस पर भी रहता था।

जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात तक जब छात्र अपने कमरे से बाहर नहीं निकला और फोन का जवाब भी नहीं मिला, तो मित्रों को चिंता हुई। उन्होंने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान हॉस्टल के बाथरूम में उसका शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद छात्र घबरा गए और तुरंत कॉलेज प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही Durgapur Police Station की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। बाद में पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या की ओर इशारा करता है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की गहन जांच की जाएगी। छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों में गहरा दुख व्याप्त है। कई छात्र स्तब्ध हैं और उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका साथी इस तरह अचानक उन्हें छोड़कर चला गया। रविवार को हॉस्टल और शैक्षणिक भवनों के आसपास असामान्य खामोशी देखी गई। मित्रों का कहना है कि वह भविष्य को लेकर सपने देखता था और पढ़ाई में आगे बढ़ना चाहता था।

कॉलेज प्रशासन ने भी इस घटना पर संवेदना व्यक्त की है। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि पुलिस की जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। साथ ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। विशेषज्ञों की मदद से यह समझने का प्रयास होगा कि यदि कोई छात्र तनाव या अवसाद से गुजर रहा हो, तो उसे समय रहते सहायता मिल सके।
शिक्षा जगत में इस घटना ने एक बार फिर प्रतिस्पर्धा और दबाव के माहौल पर चर्चा छेड़ दी है। मेडिकल की पढ़ाई को स्वाभाविक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जहां लंबा पाठ्यक्रम, लगातार परीक्षाएं और बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा विद्यार्थियों पर मानसिक भार बढ़ा देती है। ऐसे में सहारा और संवाद की आवश्यकता और अधिक महसूस की जा रही है।
फिलहाल, सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं। छात्र समुदाय अपने साथी को याद कर रहा है और उम्मीद कर रहा है कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।















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