आसनसोल : मंगलवार को आसनसोल नगर निगम के सम्मेलन कक्ष में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं ‘आमार पाड़ा आमार समाधान’ और ‘अर्बन पथश्री’ की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय तथा पश्चिम वर्धमान के जिला शासक एस पोन्नबलम सहित निगम एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों परियोजनाओं के अंतर्गत लंबित कार्यों की स्थिति की समीक्षा करना और उन्हें शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण करने की रणनीति तय करना था। अधिकारियों ने वार्डवार प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत कार्यों, जारी निविदाओं तथा शेष प्रक्रियाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
मेयर विधान उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘आमार पाड़ा आमार समाधान’ योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में तीन हजार से अधिक कार्यों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 1300 कार्यों पर कार्यारंभ हो चुका है, जबकि शेष आवेदनों की तकनीकी जांच और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि करीब 2300 कार्यों के लिए शीघ्र ही निविदा जारी की जाएगी, ताकि विकास कार्यों में विलंब न हो।
मेयर ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में चुनाव की अधिसूचना कभी भी जारी हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2 मार्च से पूर्व प्राप्त सभी आवेदनों पर यथासंभव कार्य प्रारंभ कर दिया जाए। उनका कहना था कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे और बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो।
बैठक में ‘अर्बन पथश्री’ परियोजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि कई वार्डों में सड़कों की दशा सुधारने के लिए सर्वेक्षण पूर्ण हो चुका है तथा तकनीकी स्वीकृति के बाद कार्य आरंभ किए जाएंगे।
जिला शासक एस पोन्नबलम ने कहा कि मंगलवार की बैठक में दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में प्राप्त आवेदनों का संकलन कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्वीकृत कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। जिन कार्यों के लिए अब तक निविदा जारी नहीं हुई है, उनकी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन और नगर निगम के बीच नियमित समन्वय बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि कार्यों की प्रगति की सतत निगरानी हो सके। उनका कहना था कि योजनाओं की सफलता पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इसलिए सभी विभागों को निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका मानना था कि स्थानीय समस्याओं की सही जानकारी मिलने पर समाधान की प्रक्रिया तेज हो सकती है। साथ ही, यह भी तय किया गया कि कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी।
मंगलवार की यह समीक्षा बैठक नगर निगम और जिला प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली का संकेत मानी जा रही है। विकास योजनाओं को समयबद्ध ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अधिकारियों ने कहा कि नागरिक सुविधाओं में सुधार ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी सप्ताहों में निविदा प्रक्रिया कितनी शीघ्र पूरी होती है और धरातल पर विकास कार्यों की गति कितनी तेज होती है। यदि निर्धारित समयसीमा में कार्य प्रारंभ हो जाते हैं, तो नगर निगम क्षेत्र के हजारों नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।















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