स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर गुरुवार को प्रशासन की अहम बैठक आयोजित

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल :  गुरुवार को पश्चिम बर्धमान जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्कूल बसों और पूल कारों के संचालन में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करना था। प्रशासन ने सभी विद्यालयों को 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से “स्कूल रोड सेफ्टी कमेटी” गठित करने के निर्देश दिए हैं।

IMG 20240918 WA0025

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (सामान्य), अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (विकास), पुलिस उपायुक्त (यातायात), क्षेत्रीय परिवहन विभाग के अधिकारी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा पश्चिम बर्धमान जिले के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधन प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गुरुवार को आयोजित इस बैठक में परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि कई बार देखा गया है कि स्कूल बसों और निजी पूल कारों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त कई वाहनों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, जीपीएस प्रणाली तथा चालक के आवश्यक दस्तावेज अद्यतन नहीं पाए जाते। इन कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे 31 मार्च तक एक “स्कूल रोड सेफ्टी कमेटी” का गठन करें। इस समिति में विद्यालय प्रबंधन के साथ-साथ अभिभावकों, विद्यार्थियों और वाहन संचालकों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। समिति का दायित्व होगा कि वह परिवहन विभाग के परामर्शों और नियमों के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करे तथा किसी भी अनियमितता की सूचना प्रशासन को दे।

बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त (यातायात) ने कहा कि स्कूली वाहनों की नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा। जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से अपील की कि वे अनुबंधित वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं और उनकी स्वास्थ्य जांच भी समय-समय पर सुनिश्चित करें।

IMG 20250511 WA0050

अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल किया जाए। सड़क पार करने के नियम, सीट बेल्ट का उपयोग, बस में चढ़ते-उतरते समय सावधानी जैसे विषयों पर नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्कूल बसों के लिए निर्धारित रूट और समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया।

अभिभावक प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने कहा कि कई बार स्कूल समय के दौरान यातायात दबाव अधिक रहता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा प्रभावित होती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि स्कूल खुलने और बंद होने के समय प्रमुख मार्गों पर यातायात पुलिस की विशेष तैनाती की जाएगी।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (सामान्य) ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय, अभिभावक, वाहन चालक और प्रशासन—सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

गुरुवार की इस बैठक ने यह संदेश दिया है कि जिला प्रशासन स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक छात्र सुरक्षित वातावरण में विद्यालय आ-जा सके। प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि सड़क सुरक्षा के मानकों को व्यवहार में उतारा जा सके।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 5 2 9 1
Users Today : 37
Users Yesterday : 54