आसनसोल : रविवार को पश्चिम बर्धमान जिले के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए प्रेरणादायक खबर सामने आई, जहां आसनसोल जिला अस्पताल ने सीमित संसाधनों और साधनों के बावजूद कैंसर जैसे जटिल रोगों के उपचार में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समन्वित मेहनत से कई ऐसे मरीजों को नया जीवन मिला है, जिनके उपचार को लेकर बड़े चिकित्सा संस्थानों में भी संदेह व्यक्त किया गया था।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में यहां कैंसर से पीड़ित कई गंभीर मरीजों का सफल उपचार किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं सीमित हैं, फिर भी चिकित्सकों की विशेषज्ञता और टीमवर्क के कारण जटिल शल्यक्रियाएं संभव हो सकी हैं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस दिशा में अस्पताल अधीक्षक डॉ. निखिल चंद्र दास के मार्गदर्शन तथा रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष और राज्य के मंत्री मलय घटक के सहयोग से कई आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। रोगी कल्याण समिति की सहायता से जरूरतमंद मरीजों को महंगी दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं, जिनकी कीमत कई बार लाखों रुपये तक पहुंचती है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नि:शुल्क दिया गया।

अस्पताल का ब्लड बैंक भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां कुछ विशेष प्रकार की रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध है, जो आसपास के कई जिला अस्पतालों में नहीं मिलती। इसी कारण पश्चिम बर्धमान के अलावा झारखंड और पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई मरीजों ने इलाज के बाद स्वस्थ होकर अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उपचार के दौरान मरीज किस जिले या राज्य से आया है, इसे कभी बाधा नहीं बनने दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास और धैर्य ही उपचार की सफलता का सबसे बड़ा आधार रहा है।
इस चिकित्सा सेवा में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित मुखोपाध्याय सहित शल्य चिकित्सकों और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर जटिल मामलों का सफल उपचार किया। चिकित्सकों का मानना है कि टीम भावना और समर्पण के कारण ही यह सफलता संभव हो सकी है।
हालांकि अस्पताल में अभी विकिरण चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण कुछ मामलों में मरीजों को अन्य संस्थानों में भेजना पड़ता है। चिकित्सकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में यदि विकिरण उपचार की सुविधा शुरू हो जाती है तो कैंसर उपचार की सेवाएं और अधिक सशक्त हो सकेंगी।
पिछले कुछ वर्षों में लगभग डेढ़ से दो दर्जन कैंसर मरीजों के सफल उपचार से अस्पताल के चिकित्सक, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी उत्साहित हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण और बेहतर समन्वय से चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी बनाया जा सकता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की पहल से सरकारी अस्पतालों के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।

















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