आसनसोल : औद्योगिक नगरी आसनसोल के कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। आगामी 2026 विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में दलबदल और शक्ति प्रदर्शन की राजनीति खुलकर सामने आ रही है। विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं के एक-दूसरे दल में शामिल होने की घटनाओं ने कुल्टी क्षेत्र को राजनीतिक रूप से अत्यंत सक्रिय बना दिया है।
हाल के दिनों में यहां प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच संगठनात्मक प्रभाव बढ़ाने की होड़ दिखाई दे रही है। कुछ दिन पूर्व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में कुल्टी क्षेत्र में एक बड़ी राजनीतिक यात्रा निकाली गई थी। इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित सभा में विभिन्न दलों से जुड़े कई स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। भाजपा नेताओं ने इसे क्षेत्र में संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया था।
इसके बाद सत्ताधारी दल ने भी सक्रियता बढ़ाते हुए जवाबी कार्यक्रम आयोजित किया। नियामतपुर स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के मंत्री मलय घटक की उपस्थिति में विभिन्न दलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने इसे संगठन सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर कई स्थानीय नेताओं ने भी दल परिवर्तन किया। कार्यक्रम में पूर्व पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। नेताओं ने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर लोग बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस से जुड़ रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री मलय घटक ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है, जिसके कारण जनता का विश्वास सत्तारूढ़ दल पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी और पुनः सरकार बनाने में सफल होगी।
मंत्री ने कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने और मतदाता सूची के कार्यों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना आवश्यक है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की नीतियां पहुंचाई जा सकें।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता और तेज होने की संभावना है। कुल्टी विधानसभा क्षेत्र पहले से ही राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है और यहां होने वाली गतिविधियों पर सभी दलों की विशेष नजर बनी हुई है।
विश्लेषकों के अनुसार, दलबदल की घटनाएं आने वाले समय में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं। कुल्टी और आसपास के इलाकों में जारी राजनीतिक गतिविधियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि चुनाव से पहले सभी दल संगठनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजनीतिक गतिविधियों के बीच विकास कार्यों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का समाधान हो सके। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव से पहले की यह राजनीतिक हलचल किस दिशा में जाती है और इसका अंतिम प्रभाव चुनाव परिणामों पर कितना पड़ता है।

















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