आसनसोल : सोमवार को जामुड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत निगहा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संयुक्त क्षेत्रीय निरीक्षण किया गया। पूर्व निर्धारित निर्णय के अनुसार आयोजित इस निरीक्षण में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और समस्या के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर लंबे समय से जल जमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। विशेषकर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सड़क की सतह पर पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय प्रशासन को प्राप्त शिकायतों के बाद संबंधित विभागों के समन्वय से संयुक्त निरीक्षण का निर्णय लिया गया था।

सोमवार को हुए निरीक्षण में ईस्टर्न कोल्फील्डिंस लिमिटेड, नेशनल हाईवेज़ अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, आसनसोल म्युनिसिपल कारपोरेशन, पुलिस विभाग तथा एक उप दंडाधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्थल पर जल प्रवाह की दिशा, निकासी व्यवस्था और अतिरिक्त जल के स्रोत का परीक्षण किया।
प्राथमिक चर्चा में यह सामने आया कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला अतिरिक्त जल राजमार्ग के समीप एकत्र हो रहा है। इस संदर्भ में नगर निगम के जलापूर्ति अभियंता अचिंत्य बरुई को निर्देश दिया गया कि वे एक प्रारंभिक प्रतिवेदन तैयार कर उप दंडाधिकारी को सौंपें। उक्त प्रतिवेदन के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें अतिरिक्त जल का औद्योगिक उपयोग अथवा अन्य उपयुक्त प्रयोजन के लिए पुनः उपयोग की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल प्रवाह की समस्या के समाधान के बाद राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही सतही जल निकासी के लिए उपयुक्त ड्रेनेज प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि भविष्य में जलभराव की पुनरावृत्ति न हो।
संयुक्त निरीक्षण में ईसीएल के क्षेत्रीय अभियंता धीरज ठाकुर, क्षेत्र सर्वेक्षण अधिकारी टी.के. नाग, एनएचएआई के प्रबंधक (तकनीकी) नीरज अग्रहरि, निवासी अभियंता सुदरम दास, नगर निगम के कार्यपालक अभियंता (सिविल) कौशिक सेनगुप्ता, जलापूर्ति विभाग के कार्यपालक अभियंता अचिंत्य बरुई, एडीपीसी के यातायात निरीक्षक राणा अंबिका दत्ता तथा जामुड़िया ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी अनुप कुमार हाटी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संभावित तकनीकी समाधान पर विचार-विमर्श किया। सुझाव दिया गया कि अतिरिक्त जल को नियंत्रित दिशा में मोड़ने के लिए स्थायी नाला निर्माण, जल संग्रहण टैंक अथवा पाइपलाइन प्रणाली विकसित की जा सकती है। इससे न केवल सड़क सुरक्षित रहेगी, बल्कि जल संसाधन का समुचित उपयोग भी संभव होगा।
स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त पहल का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। उनका कहना है कि वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे यातायात बाधित होता है।
प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन किया जाएगा। सोमवार को हुआ यह संयुक्त निरीक्षण विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास का उदाहरण माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनसुविधा और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।















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