दुर्गापुर : गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के तहत एमएएमसी गेस्ट हाउस परिसर में अत्याधुनिक यूपीएससी कोचिंग सेंटर तथा वृद्धाश्रम परियोजना की आधारशिला रखी गई। यह संयुक्त पहल आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) और जय बालाजी समूह के सहयोग से साकार हो रही है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक एवं औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस पहल को विशेष महत्व प्रदान किया।

आधारशिला समारोह में एडीडीए के चेयरमैन कवि दत्त, दुर्गापुर नगर निगम के चेयरमैन अब्दुल कलाम आजाद इस्लाम, महकमा शासक सुमन विश्वास तथा जय बालाजी समूह के निदेशक गौरव जाजोदिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विधिवत पूजन और शिलान्यास के साथ परियोजना का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीडीए के चेयरमैन कवि दत्त ने कहा कि यह पहल राज्य में एक अभिनव मॉडल के रूप में सामने आएगी। उनके अनुसार कोलकाता के बाद यह पहला अवसर है जब युवाओं के उच्च प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी और बुजुर्गों के सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था को एक ही परिसर में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के दो महत्वपूर्ण वर्ग—युवा और वरिष्ठ नागरिक—दोनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना तैयार की गई है।
कवि दत्त ने बताया कि यूपीएससी कोचिंग सेंटर में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन, पुस्तकालय और विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। उद्देश्य यह है कि दुर्गापुर तथा आसपास के क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को महानगरों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र आने वाले समय में क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
वृद्धाश्रम की परिकल्पना के संबंध में उन्होंने कहा कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आवास की आवश्यकता बढ़ी है। प्रस्तावित ओल्ड एज होम में चिकित्सा सुविधा, पौष्टिक भोजन, मनोरंजन कक्ष तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, निवासियों के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
जय बालाजी समूह के निदेशक गौरव जाजोदिया ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि समूह इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि शिक्षा और सेवा, दोनों ही क्षेत्र समाज को सुदृढ़ बनाने के स्तंभ हैं। इस पहल के माध्यम से एक ओर जहां युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बुजुर्गों को गरिमापूर्ण जीवन के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा।

दुर्गापुर नगर निगम के चेयरमैन अब्दुल कलाम आजाद इस्लाम ने इस पहल को शहर के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्योग जगत के सहयोग से ही ऐसी परियोजनाएं सफल होती हैं। महकमा शासक सुमन विश्वास ने भी विश्वास जताया कि यह केंद्र भविष्य में अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि क्षेत्र में उच्चस्तरीय कोचिंग सुविधा उपलब्ध होने से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई दिशा मिलेगी। वहीं, वृद्धाश्रम की स्थापना से उन परिवारों को भी सहारा मिलेगा जो किसी कारणवश अपने बुजुर्गों की समुचित देखभाल नहीं कर पाते।
गुरुवार को रखी गई इस आधारशिला के साथ दुर्गापुर में सामाजिक सरोकार और विकास की नई कहानी लिखे जाने की उम्मीद जगी है। प्रशासन और उद्योग के साझा प्रयास से यह परियोजना क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध हो सकती है।















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