आसनसोल : शुक्रवार को शहर के मुख्य डाकघर परिसर स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को पुनः बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। लगातार दूसरे दिन आई धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था और साइबर निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से न्यायालय परिसर, डाकघर तथा पासपोर्ट कार्यालय को लक्षित कर भेजे जा रहे धमकी भरे ई-मेल ने नागरिकों और कर्मचारियों के बीच भय का वातावरण निर्मित कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा ई-मेल के माध्यम से कार्यालय को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी दी गई। शुक्रवार सुबह जैसे ही यह सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंची, पुलिस और प्रशासन ने तत्काल परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। बम निरोधक दस्ता तथा खोजी कुत्तों की सहायता से पूरे भवन और आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी ली गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, फिर भी एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पिछले चार दिनों के भीतर यह चौथी घटना बताई जा रही है, जब किसी शासकीय संस्थान को इस प्रकार की धमकी दी गई है। इससे पहले न्यायालय परिसर और डाकघर को भी इसी तरह के ई-मेल प्राप्त हुए थे। लगातार मिल रही धमकियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार इस प्रकार की घटनाएं होने से असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। पासपोर्ट बनवाने आए आवेदकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए आईपी एड्रेस ट्रैक किया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि संदेश किस सर्वर या स्थान से भेजा गया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ई-मेल फर्जी पहचान के माध्यम से भेजा गया, जिससे प्रेषक की वास्तविक पहचान छिपाई जा सके।
घटना के बाद केंद्र और राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत हो सकती है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसे मामलों में जरा सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है। इसलिए सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है।

पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कार्यालय का कार्य सामान्य रूप से संचालित किया जा रहा है, किंतु सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश द्वार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आने-जाने वालों की पहचान जांचने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है। कर्मचारियों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर के जनप्रतिनिधियों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक संस्थानों को निशाना बनाकर भय का वातावरण तैयार करना गंभीर अपराध है। यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो यह प्रवृत्ति और बढ़ सकती है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा करने से बचें। साथ ही यदि किसी को संदिग्ध ई-मेल या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। शुक्रवार को मिली इस ताजा धमकी ने एक बार फिर सुरक्षा तंत्र की परीक्षा ले ली है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां कब तक इस शरारती तत्व का पता लगाकर कानून के कटघरे तक पहुंचाती हैं।















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