आसनसोल : आगामी 28 फरवरी को मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व पश्चिम बर्दवान जिले में प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है। शुक्रवार को आसनसोल स्थित जिला शासक कार्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर विचार-विमर्श करना रहा।

बैठक की अध्यक्षता जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का प्रकाशन निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है तथा प्रत्येक आवेदन का विधिवत परीक्षण किया जा रहा है।
शुक्रवार को हुई इस बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव और आशंकाएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कुछ प्रतिनिधियों ने सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर प्रश्न उठाए, जिस पर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि सभी दावे-आपत्तियों का निपटारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है या किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए विशेष काउंटर और हेल्पडेस्क की व्यवस्था की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिकायतों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित करने का निर्णय भी लिया गया है।
बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने कार्यकर्ताओं को संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने का संदेश दें। मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है, इसलिए इसे लेकर किसी भी प्रकार का तनाव या भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आम नागरिकों के लिए भी संदेश जारी किया गया कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। जिला शासक कार्यालय ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए नागरिक सीधे कार्यालय या अधिकृत केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं।
28 फरवरी को सूची के प्रकाशन के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। चुनावी माहौल के मद्देनजर प्रशासन ने निष्पक्षता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई। अधिकारियों का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
शुक्रवार की सर्वदलीय बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रशासन और राजनीतिक दल मिलकर निष्पक्ष वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब सभी की निगाहें 28 फरवरी को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची पर टिकी हैं, जो आगामी चुनावी गतिविधियों की दिशा तय करेगी।















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