दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल राज्य बार काउंसिल के आगामी चुनावों को लेकर शुक्रवार को दुर्गापुर महकमा अदालत परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज दिखाई दीं। 9 और 10 मार्च को प्रस्तावित चुनाव से पूर्व राज्य के कानून, न्याय एवं श्रम मंत्री मलय घटक ने अदालत पहुंचकर अधिवक्ताओं के साथ संवाद किया और तृणमूल कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

शुक्रवार दोपहर मंत्री के आगमन पर स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात आयोजित बैठक में मंत्री ने चुनाव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बार काउंसिल केवल एक वैधानिक संस्था नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के अधिकारों और गरिमा की रक्षा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही अधिवक्ताओं की आवाज को प्रभावी बना सकती है।

अपने संबोधन में मंत्री ने बताया कि वे राज्य के विभिन्न न्यायालय परिसरों का दौरा कर अधिवक्ताओं से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर रहे हैं। उनका उद्देश्य चुनावी समर्थन प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की समस्याओं को समझना भी है। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था की सुचारु कार्यप्रणाली में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने दुर्गापुर महकमा अदालत के नए भवन में बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था, कक्षों की कमी और आधारभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कई अधिवक्ताओं ने बताया कि नए भवन में स्थान की कमी के कारण उन्हें कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
मंत्री ने कहा कि अदालत परिसर में अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त कक्ष, पुस्तकालय सुविधा और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य सरकार न्यायालय परिसरों के आधुनिकीकरण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, ताकि अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।

चुनाव से पूर्व मंत्री के इस दौरे को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिवक्ता समुदाय का मत बार काउंसिल के गठन में निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशी सक्रिय रूप से समर्थन जुटाने में लगे हैं। मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि संगठनात्मक एकजुटता से ही अधिवक्ताओं के पेशेवर हितों की रक्षा संभव है।
स्थानीय अधिवक्ताओं ने मंत्री के आश्वासनों का स्वागत किया, किंतु साथ ही यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित न रहे। उनका कहना था कि यदि बैठने की समुचित व्यवस्था और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तो इससे न्यायिक कार्य में गति आएगी और आम लोगों को भी लाभ होगा।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बार काउंसिल का चुनाव भले ही पेशेवर संगठन का चुनाव हो, परंतु इसके परिणामों का व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए सभी पक्ष इसे गंभीरता से ले रहे हैं। शुक्रवार को हुए इस दौरे ने दुर्गापुर के अधिवक्ता समाज में नई चर्चा को जन्म दिया है।
अब देखना यह है कि 9 और 10 मार्च को होने वाले मतदान में अधिवक्ता किस दिशा में अपना समर्थन व्यक्त करते हैं। फिलहाल मंत्री के दौरे और दिए गए आश्वासनों ने चुनावी माहौल को और अधिक सक्रिय बना दिया है।















Users Today : 11
Users Yesterday : 54