पूर्व बर्दवान : सोमवार को पूर्व बर्दवान जिले में उस समय सनसनी फैल गई, जब विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर आए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक अधिकारी की अचानक मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान नगेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगेंद्र सिंह अपनी टुकड़ी के साथ रविवार को ही पूर्व बर्दवान पहुंचे थे। चुनाव संबंधी दायित्वों के निर्वहन के लिए उनकी बटालियन को जिले में तैनात किया गया था। बर्दवान शहर में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई थी। रविवार शाम कैंप में रहने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। साथियों ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
उन्हें तुरंत बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गहन चिकित्सा की कोशिश की। हालांकि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सोमवार को उनके निधन की पुष्टि होते ही बल के जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
फिलहाल उनकी मृत्यु के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह से यह घटना हुई, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस और संबंधित विभागीय अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच में जुटे हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस दुखद घटना की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। परिवार के सदस्य बिहार से पूर्व बर्दवान पहुंचने की तैयारी में हैं। प्रशासन की ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, ताकि पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके गृह राज्य भेजा जा सके। केंद्रीय बल के अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार सभी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।
चुनावी ड्यूटी के दौरान इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों के स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों पर भी चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी यात्रा, नई जगह का वातावरण और ड्यूटी का दबाव कभी-कभी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, अधिकारी इस मामले में किसी प्रकार की अटकलों से बचने की अपील कर रहे हैं और जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय बलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और इस प्रकार की घटना अत्यंत दुखद है। सोमवार को पूरे जिले में इस घटना की चर्चा रही और सुरक्षा बलों के बीच शोक का माहौल देखा गया।
पूर्व बर्दवान में चुनावी तैयारियों के बीच घटी इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस दुखद मृत्यु के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करेगी।















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