आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में एक निजी अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला की मृत्यु के बाद गुरुवार को परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार बर्नपुर के आलम नगर क्षेत्र की निवासी 65 वर्षीय जमीला खातून को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार उन्हें मधुमेह तथा निम्न रक्तचाप की शिकायत थी, जिसके कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी मां की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। मृतका के पुत्र इरफान ने आरोप लगाया कि उनकी मां की मृत्यु मंगलवार की शाम लगभग पांच बजे ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें इसकी जानकारी तुरंत नहीं दी।

इरफान के अनुसार अस्पताल की ओर से उन्हें लगभग दो घंटे से अधिक समय बाद, रात करीब सात बजकर पैंतालीस मिनट पर मां की मृत्यु की सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने जानबूझकर मृत्यु की सूचना देर से दी, ताकि उपचार के नाम पर अतिरिक्त धन की वसूली की जा सके।
परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के दौरान लापरवाही बरती और मरीज की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी भी समय पर नहीं दी गई। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बकाया बिल का भुगतान किए बिना शव सौंपने से भी इनकार कर दिया, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।

मामले को लेकर नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अस्पताल के बाहर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को शांत कराते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि इस पूरे मामले में अब तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए और यदि वास्तव में इलाज में लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।















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