दुर्गापुर : पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर में शुक्रवार को शोक और गर्व का भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब भारतीय सेना के वीर जवान अजय जायसवाल का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक निवास पहुंचा। दुर्गापुर के ममता बाजार क्षेत्र स्थित विद्यासागर पल्ली निवासी अजय जायसवाल जम्मू क्षेत्र में सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान हुई एक दुर्घटना में वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जम्मू में भारतीय सेना का नियमित युद्धाभ्यास चल रहा था। इसी दौरान तोप के गोले से संबंधित एक दुर्घटना हो गई, जिसमें अजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। बताया जाता है कि शहीद जवान अविवाहित थे और परिवार के लिए वे एक बड़े सहारे के रूप में जाने जाते थे। उनके असमय निधन से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में मातम का माहौल व्याप्त है।

शहीद जवान का पार्थिव शरीर विशेष विमान के माध्यम से पश्चिम बंगाल लाया गया। गुरुवार देर रात उनका पार्थिव शरीर दुर्गापुर के निकट अंडाल हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां सेना और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को पानागढ़ वायुसेना स्टेशन ले जाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक घर विद्यासागर पल्ली लाया गया।
शुक्रवार को जब तिरंगे में लिपटा शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो पूरा क्षेत्र भावुक हो उठा। हजारों की संख्या में स्थानीय लोग, पड़ोसी, मित्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य अंतिम दर्शन के लिए वहां पहुंचे। लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी और देशभक्ति के नारों के साथ उनकी शहादत को नमन किया।

इस अवसर पर भारतीय सेना की ओर से पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सैनिकों ने परंपरा के अनुसार गन सैल्यूट देकर उन्हें अंतिम सलामी अर्पित की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने “भारत माता की जय” और “अजय जायसवाल अमर रहें” जैसे नारों के साथ शहीद को श्रद्धांजलि दी।
शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी उपस्थित रहे। दुर्गापुर के अनुमंडल पदाधिकारी सुमन विश्वास ने शहीद जवान को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा प्रशासक बोर्ड की चेयरपर्सन अनिंदिता मुखर्जी, समाजसेवी उत्तम मुखर्जी और उज्ज्वल मुखर्जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय जायसवाल बचपन से ही देशसेवा की भावना से प्रेरित थे और सेना में शामिल होकर उन्होंने अपने परिवार तथा क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया। उनकी शहादत ने पूरे इलाके को गर्व के साथ-साथ गहरे दुख में भी डुबो दिया है।
अजय जायसवाल की वीरगाथा और बलिदान को क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उनकी शहादत ने एक बार फिर यह स्मरण कराया है कि देश की सीमाओं और सुरक्षा के लिए हमारे सैनिक किस प्रकार अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते।

















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