आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा आसनसोल नगर निगम के बोरो चेयरमैन देबासिस सरकार ने केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से अधिक समय में कई प्रमुख योजनाएं अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही हैं।
आसनसोल स्थित तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए देबासिस सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान आम जनता को जिन बड़े वादों और योजनाओं की उम्मीद दिखाई गई थी, उनका लाभ व्यापक स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवधि में कई नीतिगत निर्णयों के कारण आम नागरिकों को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में कई मामलों में आम लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है। उनके अनुसार केंद्र सरकार की कई योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं और उनका वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं देता।
देबासिस सरकार ने केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नोटबंदी, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, नदियों की सफाई अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महंगाई नियंत्रण की योजनाएं, बुलेट ट्रेन परियोजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं को बड़े प्रचार और वादों के साथ शुरू किया गया था। लेकिन इन योजनाओं के परिणामों को लेकर आज भी कई सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए बड़े-बड़े दावों के बावजूद आम नागरिकों को इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने विशेष रूप से महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
देबासिस सरकार ने यह भी कहा कि देश में पेट्रोल की कीमतें कई स्थानों पर 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुकी हैं, जबकि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे मध्यम वर्ग और गरीब तबके के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
किसानों और रोजगार के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। इसके साथ ही युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर सृजित करने के वादे भी अधूरे दिखाई दे रहे हैं।
तृणमूल नेता ने प्रदूषण नियंत्रण, वन नेशन वन टैक्स यानी जीएसटी व्यवस्था, वन नेशन वन पेंशन और 100 स्मार्ट सिटी परियोजना सहित कई अन्य योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का उदाहरण देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के परिणाम भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सके हैं।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान देबासिस सरकार ने भाजपा पर एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के सोशल मीडिया मंचों पर साझा किए गए एक वायरल वीडियो में कथित रूप से कुछ भाजपा कार्यकर्ता चुनाव के दौरान हिंसक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह वीडियो कथित रूप से भाजपा की आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अग्निमित्रा पाल की कांथी में आयोजित परिवर्तन रथ यात्रा के दौरान का बताया जा रहा है। उनके अनुसार यह वीडियो किसी विपक्षी दल द्वारा नहीं बल्कि कथित रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा ही मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया और बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया।
देबासिस सरकार ने आरोप लगाया कि वीडियो में कुछ कार्यकर्ता बातचीत के दौरान यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के समय बमबाजी की थी और उसी के सहारे चुनावी सफलता प्राप्त की थी। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए और चुनाव निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए। उनके अनुसार यदि ऐसे आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक स्थिति होगी।
हालांकि इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

















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