बर्नपुर : पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र बर्नपुर में शनिवार को दामोदर नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग एक बार फिर जोर-शोर से उठाई गई। स्थानीय सामाजिक संगठन Damodar Biharinath Setu Bandhan Committee के नेतृत्व में लोगों ने इस्को प्रबंधन का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए एक सभा आयोजित की। कार्यक्रम का आयोजन बर्नपुर स्थित टनल गेट के समीप किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हुए।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दामोदर नदी के दोनों किनारों पर बसे लोगों की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से चाहते हैं कि Damodar River पर एक स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण किया जाए, जिससे आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके और क्षेत्रीय विकास को गति मिले।
समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्तमान समय में नदी पार करने के लिए लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की काफी बर्बादी होती है। यदि यहां स्थायी पुल का निर्माण हो जाता है तो न केवल परिवहन व्यवस्था आसान होगी, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि इस पुल का निर्माण केवल पश्चिम बर्दवान जिले के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे आसपास के अन्य जिलों को भी व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बांकुरा और पुरुलिया जिलों के लोगों को भी इससे सीधा फायदा होगा, क्योंकि इन क्षेत्रों के कई लोग रोजमर्रा के कामकाज और रोजगार के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं।
समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि यदि दामोदर नदी पर पुल बनता है तो यह औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत करेगा। इससे उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि कई बार इस मुद्दे को विभिन्न मंचों पर उठाया गया है, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हो पाई है। इसलिए अब क्षेत्र के लोग संगठित होकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। समिति ने कहा कि इस पुल का निर्माण क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
इस दौरान यह भी बताया गया कि शनिवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi के कोलकाता दौरे को ध्यान में रखते हुए समिति ने उनसे भी इस विषय में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना पर ध्यान दें तो जल्द ही इसका समाधान संभव हो सकता है।
समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग को गंभीरता से लेगी और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान निकालेगी। उन्होंने कहा कि दामोदर नदी पर पुल का निर्माण केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं होगा, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन को आसान बनाने वाला कदम साबित होगा।
सभा के अंत में समिति के प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से जनआंदोलन को और मजबूत करेंगे। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा के लिए यह मांग पूरी तरह न्यायसंगत है और इसे पूरा किया जाना चाहिए।

















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