आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर मंगलवार को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस सूची में आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से एक बार फिर राज्य के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री मलय घटक को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में उत्साह और खुशी का माहौल स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगातार दूसरी बार मलय घटक पर भरोसा जताना इस बात का संकेत है कि पार्टी उनकी राजनीतिक पकड़ और क्षेत्र में मजबूत जनाधार को लेकर आश्वस्त है। आसनसोल उत्तर क्षेत्र औद्योगिक और शहरी मिश्रण वाला इलाका है, जहां विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के मतदाता रहते हैं। ऐसे में अनुभवी उम्मीदवार को दोबारा मैदान में उतारना पार्टी की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
उम्मीदवार घोषित होते ही उनके समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर खुशी जाहिर की। कई जगहों पर मिठाइयां बांटी गईं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी। समर्थकों का कहना है कि मलय घटक ने अपने पिछले कार्यकाल में क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिसके कारण उन्हें पुनः मौका मिलना स्वाभाविक है।
यदि पिछले चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल उत्तर सीट से मलय घटक ने उल्लेखनीय जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में कुल 2,56,239 मतदाता सूचीबद्ध थे, जिनमें से 1,89,559 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जो लगभग 75.28 प्रतिशत मतदान के बराबर है। यह आंकड़ा इस क्षेत्र में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
परिणामों की बात करें तो मलय घटक को उस चुनाव में 1,00,931 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी को 79,821 मत मिले थे। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सुनील ठाकुर को 1,673 और एआईएमआईएम के दानिश अजीज को 1,514 वोट प्राप्त हुए थे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मलय घटक ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर मजबूत बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भी आसनसोल उत्तर सीट पर मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है। भाजपा और अन्य विपक्षी दल इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर अनुभवी चेहरे को सामने रखकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में पिछले प्रदर्शन, संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखा गया है। मलय घटक को दोबारा टिकट दिए जाने के पीछे भी यही कारण बताए जा रहे हैं।
चुनाव की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने-अपने स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं और मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस भी अपने उम्मीदवारों के समर्थन में व्यापक प्रचार अभियान चलाने की तैयारी में है।
फिलहाल, आसनसोल उत्तर में मलय घटक को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि तृणमूल कांग्रेस इस सीट को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान के तेज होने के साथ ही यहां का चुनावी मुकाबला और भी रोचक होने की संभावना है।

















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