आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के बाद राज्यभर में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का मतदान 23 मई को प्रस्तावित है, जिसमें उत्तर बंगाल के साथ-साथ पश्चिम बर्दवान जिले में भी मतदान संपन्न कराया जाएगा। जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सभी राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं।

इसी बीच आसनसोल क्षेत्र से दलबदल की खबरों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। शुक्रवार को सालानपुर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस को उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब भाजपा और माकपा से जुड़े करीब पचास कार्यकर्ताओं ने सत्तारूढ़ दल का दामन थाम लिया। यह शामिल होने की प्रक्रिया तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं आसनसोल के मेयर बिधान उपाध्याय की उपस्थिति में संपन्न हुई।
कार्यक्रम के दौरान नए शामिल हुए कार्यकर्ताओं का पार्टी में स्वागत किया गया और उन्हें संगठन के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर सालानपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष मोहम्मद अरमान ने बताया कि समदी क्षेत्र के बूथ संख्या 117 और 118 से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस में विश्वास जताते हुए सदस्यता ग्रहण की है।
उन्होंने कहा कि यह दलबदल केवल संख्या बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी अब राज्य सरकार की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहे हैं।
इस मौके पर आयोजित बूथ स्तरीय बैठक में बिधान उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव जीतने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित करें और उन्हें मतदान के दिन सुबह से ही वोट डालने के लिए प्रेरित करें।

इसके अलावा उन्होंने मतदाता सूची की गहन जांच करने, किसी भी प्रकार की त्रुटि या समस्या को समय रहते दूर करने और बूथ स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता के लिए अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करना आवश्यक है।
बैठक में तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें ब्लॉक उपाध्यक्ष भोला सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। सभी ने मिलकर संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह का दलबदल तृणमूल कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है। इससे पार्टी का मनोबल बढ़ेगा और विपक्षी दलों पर दबाव भी बनेगा। हालांकि, विपक्ष इस घटनाक्रम को अलग नजरिए से देख रहा है और इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।
फिलहाल, आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में चुनावी माहौल पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर प्रचार और जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किस दल के पक्ष में अपना समर्थन जताते हैं और आगामी चुनाव में किसे जीत का ताज पहनाते हैं।














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