जामुड़िया : पश्चिम बर्धमान जिले के जामुड़िया क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। कुनुस्तोरिया चौराहे के समीप नेशनल हाईवे-14 पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित डंपर ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर अत्यधिक गति से आ रहा था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सबसे पहले उसने एक स्कॉर्पियो कार को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद भी डंपर नहीं रुका और आगे बढ़ते हुए उसने लगातार तीन मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। कुछ ही क्षणों में शांत सड़क पर चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता पहुंचाने का प्रयास किया। सौभाग्यवश इस भीषण हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, लेकिन कई लोगों को हल्की चोटें आईं और सभी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर उतरकर कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे-14 को जाम कर दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और तेज रफ्तार लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन को इस बारे में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने बताया कि खासकर डंपर और ट्रकों की तेज गति के कारण आम राहगीरों और दोपहिया चालकों के लिए यह सड़क बेहद खतरनाक बन गई है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाया जाए और नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस निगरानी बढ़ाने की भी मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद लोगों ने सड़क जाम हटाया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। पुलिस ने डंपर को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और चालक की तलाश की जा रही है।

प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, जामुड़िया का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।















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