दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच दुर्गापुर के वार्ड संख्या 19 स्थित बूथ नंबर 117 पर मंगलवार को राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार के पोस्टर और बैनर फाड़े जाने की घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। यह घटना दुर्गापुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के समीप हुई, जहां चुनावी प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर क्षतिग्रस्त पाए गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से स्थानीय नेता काजल नायक ने आरोप लगाया कि पार्टी उम्मीदवार Kabi Dutta के पोस्टर और बैनर को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा रात के अंधेरे में फाड़ा गया। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को ये बैनर लगाए गए थे, लेकिन मंगलवार सुबह जब उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया, तो पोस्टर फटे हुए पाए गए।

काजल नायक ने कहा कि इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव में दबाव बनाने और माहौल खराब करने के लिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी Lakshman Ghorui पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बाहरी लोगों के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। भाजपा के जिला प्रवक्ता Sumanta Mondal ने इसे तृणमूल कांग्रेस का “चुनावी ड्रामा” करार देते हुए कहा कि सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्टर फाड़ने की घटना के पीछे कौन लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था, हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
चुनाव के नजदीक आते ही इस तरह की घटनाएं राजनीतिक दलों के बीच तनाव को और बढ़ा रही हैं। दुर्गापुर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे इस मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो।
















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