आसनसोल मेले में चुनावी रंग, अभिजीत घटक का जनसंपर्क, विपक्ष को दिया जवाब

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आसनसोल में चुनावी प्रचार का अंदाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। पारंपरिक रैलियों और सभाओं के साथ-साथ अब उम्मीदवार आम लोगों के बीच पहुंचकर अलग-अलग तरीकों से जनसंपर्क साध रहे हैं। इसी कड़ी में कुल्टी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी Abhijit Ghatak ने एक अनोखे अंदाज में प्रचार कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

IMG 20240918 WA0025

दरअसल, आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 74 स्थित मिठानी गांव में श्री श्री रामकृष्ण परमहंस देव की जयंती के अवसर पर आयोजित मेले में अभिजीत घटक ने पहुंचकर जनसंपर्क किया। 21 मार्च से शुरू हुआ यह आयोजन 28 मार्च तक चल रहा है, जिसमें 24 घंटे संकीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ग्रामीण मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक-सांस्कृतिक माहौल के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं।

बुधवार देर रात अभिजीत घटक मेले में पहुंचे और आम लोगों के बीच घुल-मिल गए। उन्होंने विभिन्न दुकानों—मनिहारी, खिलौने और खान-पान के स्टॉल—पर जाकर दुकानदारों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान वे हंसते-मुस्कुराते और लोगों के साथ सेल्फी लेते नजर आए, जिससे उन्होंने खुद को एक सहज और जमीन से जुड़े नेता के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की।

मेले में उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया। विशेष रूप से ‘घुघनी’ खाते हुए उन्होंने एक राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि चॉप, घुघनी या फुचका जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों का मजाक उड़ाना गलत है, क्योंकि ये केवल भोजन नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का साधन हैं। उनके इस बयान को विपक्ष के हालिया तंज का जवाब माना जा रहा है।

IMG 20250511 WA0050

हाल के दिनों में आसनसोल दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी Agnimitra Paul ने चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा था। इसके जवाब में अभिजीत घटक का यह अंदाज राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां उन्होंने सीधे तौर पर आम जनता और मेहनतकश वर्ग के सम्मान की बात उठाई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क अभियान से उम्मीदवार मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश करते हैं। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों का प्रभाव अधिक होता है, जहां लोग नेताओं से सीधे संवाद को महत्व देते हैं।

मेले में घटक की सक्रियता ने यह भी संकेत दिया कि चुनावी प्रचार अब केवल मंचों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों तक पहुंच चुका है। इससे उम्मीदवारों को आम जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 5 4 9 8
Users Today : 27
Users Yesterday : 32