
चित्तरंजन : कर्नल सिंह पार्क में शुक्रवार शाम एक युवती और उसके पुरुष मित्र के साथ हुई शर्मनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। आरोप है कि चार युवकों ने खुद को सिविक पुलिसकर्मी बताकर न केवल उन्हें डराया-धमकाया, बल्कि ₹50,000 की रंगदारी भी मांगी। युवती रूपनारायणपुर की रहने वाली है, जो अपने मित्र के साथ पार्क में टहल रही थी। घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम नागरिकों में भी भय का माहौल बना दिया है।
घटना का विवरण: मोबाइल छीना, दी धमकी
पीड़ितों के अनुसार, 21 जून की शाम चार युवकों ने अचानक उन्हें घेर लिया और खुद को सिविक पुलिस बताकर झूठी पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद युवती का मोबाइल फोन छीन लिया गया और धमकी दी गई कि अगर पुलिस के झंझट से बचना है तो ₹50,000 देने होंगे। युवकों ने कहा कि “लड़की के साथ पार्क में होना अपराध है” और यही कहकर उन्हें डराया गया। डरे-सहमे पीड़ित जब पैसे की व्यवस्था की बात करने लगे, तभी युवती ने साहस दिखाते हुए पुलिस स्टेशन जाकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

तीव्र कार्रवाई: चारों आरोपी गिरफ्तार, दो निकले अस्पताल के सुरक्षाकर्मी
चित्तरंजन थाने की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की और चारों आरोपियों को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि इनमें से दो आरोपी चित्तरंजन केजी अस्पताल में संविदा आधारित सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत हैं। इस खुलासे ने अस्पताल प्रबंधन और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार को चारों आरोपियों को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेने की अपील की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है। आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।

इलाके में दहशत, सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग
इस घटना के बाद कर्नल सिंह पार्क और आस-पास के इलाकों में नागरिकों में भय का माहौल है। लोगों ने पार्क में घूमना कम कर दिया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि पार्कों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, चित्तरंजन केजी अस्पताल प्रशासन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कैसे अपराधी सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत थे।














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