
आसनसोल/नियामतपुर : कुल्टी थाना अंतर्गत नियामतपुर फाड़ी के लाइनपार इलाके में 13 वर्षीय नाबालिका की रहस्यमय हत्या का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मंगलवार, 15 जुलाई को इस गंभीर प्रकरण की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और अहम साक्ष्य इकट्ठा किए। जांच में तेजी आने से जहां एक ओर परिजन और स्थानीय लोग न्याय की आस लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।
घटना का पूरा विवरण
मामला 6 जुलाई को शुरू हुआ, जब नियामतपुर के लाइनपार इलाके की एक नाबालिका रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। परिवार द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो 8 जुलाई को उस समय सनसनी फैल गई जब स्थानीय लोगों ने शुभम बाउरी के घर के पास स्थित एक परित्यक्त कुएं में एक शव देखा। पुलिस को सूचना देने के बाद जब शव बाहर निकाला गया, तो उसकी पहचान उसी लापता नाबालिका के रूप में की गई।
इस हत्याकांड की पहली बड़ी कड़ी उस समय सामने आई जब मृतका के कपड़े, विशेष रूप से एक चड्डी, शुभम बाउरी के घर से बरामद की गई। इससे पुलिस का शक पुख्ता हुआ और उन्होंने शुभम बाउरी (18) और उसके बड़े भाई रोहन बाउरी (19) को 10 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को आसनसोल जिला अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

फॉरेंसिक टीम की जांच
मंगलवार को फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम नियामतपुर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। टीम ने परित्यक्त कुएं की मिट्टी, पानी, शव के संपर्क में आए कपड़े, बालों के नमूने और खून के धब्बे जैसे कई महत्वपूर्ण सबूतों को एकत्रित किया। ये साक्ष्य मामले की तह तक जाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि नाबालिका के साथ हत्या से पहले यौन उत्पीड़न हुआ था या नहीं। फॉरेंसिक रिपोर्ट इस दिशा में स्पष्टता ला सकती है। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में मृतका के साथ मारपीट और यौन हिंसा के संकेत मिल सकते हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों का आरोप और आक्रोश
मृतका के परिजनों ने शुभम बाउरी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वह अक्सर लड़की को परेशान करता था और उसका पीछा करता था। मृतका के कपड़े का शुभम के घर से मिलना इस आरोप को बल देता है। पीड़ित परिवार ने कहा कि यदि पुलिस पहले ही उसकी हरकतों पर सख्ती दिखाती तो शायद यह घटना टल सकती थी।

स्थानीय लोगों का गुस्सा, न्याय की मांग
घटना के बाद से ही नियामतपुर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग लगातार इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में एकजुट हो रहे हैं। कई संगठनों ने जल्द न्याय की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग से भी इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।
मंगलवार को जब फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर मौजूद थी, तब भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा थे। उन्होंने पुलिस और अधिकारियों से त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस का रुख
नियामतपुर फाड़ी के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में कानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों पर संबंधित धाराओं के तहत सख्त चार्जशीट दाखिल की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। 13 वर्षीय मासूम बच्ची की यह दिल दहला देने वाली हत्या न केवल इलाके को झकझोर गई है, बल्कि महिला और बाल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब पूरा नियामतपुर क्षेत्र इस उम्मीद में है कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिले और मासूम के साथ हुए इस अन्याय का न्याय हो।














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