
आसनसोल : आसनसोल कोर्ट ने 24 साल पुराने बहुचर्चित हत्या कांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट के एडीजे स्पेशल कोर्ट के जज चिरंजीव भट्टाचार्य ने सलानपुर थाना अंतर्गत बड़मुड़ी गांव के निवासी लक्ष्मण तांती, विजय तांती और भक्ति तांती को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा दी।
यह मामला वर्ष 2001 का है, जब बड़मुड़ी गांव में राजनीतिक रंजिश के चलते राम मंडल और उनकी पत्नी सुमित्रा मंडल पर निर्ममता से लाठी और भाले से हमला किया गया था। इस हमले में राम मंडल की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई थीं लेकिन बाद में ठीक हो गईं। राम मंडल पेशे से रिक्शा चालक और उस क्षेत्र के रिक्शा चालकों की यूनियन के नेता भी थे।

इस घटना के बाद पीड़िता की बहन कुसुम मंडल ने सलानपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनाथ तांती सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 307 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था।
मुकदमे की प्रक्रिया के दौरान वर्षों बीतते गए। आरोपियों में से पांच की, जिनमें मुख्य आरोपी अनाथ तांती भी शामिल थे, मुकदमा चलते-चलते मृत्यु हो गई। वर्तमान में जीवित बचे तीनों आरोपी, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, पर अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुनाया।
सरकारी वकील शिवनाथ राय ने बताया कि इस केस में कुल 19 गवाहों की गवाही दर्ज की गई, जिनके बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने यह कठोर फैसला सुनाया।

फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका पर आस्था जताई और कहा कि देर से ही सही, लेकिन उन्हें न्याय मिला। वहीं क्षेत्र में भी इस निर्णय को लेकर चर्चा है कि न्याय की डगर भले लंबी हो, लेकिन सच के पक्ष में जीत होती है।
इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून का पहिया भले धीरे चलता हो, पर चलता अवश्य है और अंततः दोषियों को उनके अपराध की सजा जरूर मिलती है।














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