
बिरभूम : संदेशखाली में सामने आए 9 करोड़ रुपये के नकली नोट घोटाले में एक और गिरफ्तारी के साथ पुलिस की जांच और तेज हो गई है। मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट से पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान तिस्ता सेन के रूप में हुई है। तिस्ता सेन उत्तर 24 परगना जिले के राजरहाट की रहने वाली है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तिस्ता सेन लंबे समय से व्यापारियों को ठगने के लिए एक बेहद योजनाबद्ध और शातिराना तरीका अपना रही थी। वह खुद को एक प्रभावशाली महिला निवेश एजेंट बताकर व्यापारियों को बड़ी राशि का कर्ज दिलवाने का झांसा देती थी। इसके बदले में वह उनसे मोटी नकदी प्रोसेसिंग फीस ऐंठती थी।

ठगी की इस प्रक्रिया में वह नकली नोटों का इस्तेमाल करती थी। पुलिस के अनुसार, जब किसी व्यापारी को वह नकद रकम सौंपती थी, तब उस रकम में बड़ी मात्रा में नकली नोट शामिल होते थे। इसी प्रकार का एक मामला आसनसोल के एक व्यापारी के साथ सामने आया, जिसमें उसे 22 लाख रुपये की चपत लगी।
जांच में यह भी सामने आया है कि तिस्ता सेन केवल नकली नोट के कारोबार तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह जमीन और फ्लैट बेचने के नाम पर भी धोखाधड़ी करती थी। लोगों को सस्ते दाम पर जमीन दिलवाने का लालच देकर वह बड़ी रकम ऐंठ लेती थी और फिर गुम हो जाती थी।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह महिला पहले भी साइबर अपराध के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है। उसे कुछ माह पूर्व जमानत पर रिहा किया गया था, लेकिन रिहाई के बाद उसने दोबारा पुराने धंधे को ही अपना लिया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी संदेशखाली नकली नोट कांड में अब तक की तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले दो अन्य लोगों को इसी मामले में पकड़ा जा चुका है। पुलिस की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस तिस्ता सेन से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं और नकली नोटों की आपूर्ति कहां से होती थी।
पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच में लगी हुई हैं, ताकि नकली नोटों के इस जाल को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।














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