आसनसोल : आसनसोल के चित्रा सभागार के समीपस्थ एक व्यापारिक परिसर में अवस्थित सिनेमाघर में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर चित्रपट अवलोकन हेतु उपस्थित दर्शकों को उस समय गहन निराशा का सामना करना पड़ा, जब एक हिंदी चित्रपट अकस्मात् मध्य में ही अवरुद्ध हो गया। इस घटना से दर्शकों में क्षोभ और असंतोष व्याप्त हो गया, तथापि स्वतंत्रता के इस पवित्र दिन के सम्मान में अधिकांश दर्शकों ने संयम और शांति का परिचय दिया।
यह घटना रात्रि प्रायः नौ बजकर तीस मिनट के आसपास घटित हुई। चित्रपट सायं सात बजकर तीस मिनट पर आरंभ हुआ था और रात्रि दस बजकर तीस मिनट तक समाप्त होने की अपेक्षा थी। मध्यांतर के कुछ समय पश्चात् ही, अचानक चित्रपट का प्रदर्शन रुक गया और लगभग अर्ध घंटे तक यह स्थिति बनी रही। दीर्घ प्रतीक्षा के उपरांत दर्शकों का धैर्य भंग हो गया और उन्होंने हंगामा प्रारंभ कर दिया। कुछ दर्शकों ने प्रबंधन की तैयारियों पर प्रश्न उठाए, क्योंकि स्वतंत्रता दिवस जैसे विशेष अवसर पर लोग उत्साहपूर्वक मनोरंजन हेतु सिनेमाघरों का रुख करते हैं।
परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, व्यापारिक परिसर और सिनेमाघर प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई की। प्रबंधन ने सभी दर्शकों के प्रवेश पत्रों की पूर्ण धनराशि वापस करने की घोषणा की। इस आश्वासन के पश्चात् क्रुद्ध दर्शक शांत हुए और शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने गृहों को लौट गए। तथापि, इस घटना ने प्रबंधन की तकनीकी और प्रशासकीय तैयारियों पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए।
इस अवसर पर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता संतोष कुमार वर्मा भी अपने परिवार सहित चित्रपट अवलोकन हेतु उपस्थित थे। उन्हें भी अन्य दर्शकों के समान निराशा का सामना करना पड़ा और चित्रपट अधूरा छोड़कर लौटना पड़ा। यह घटना सिनेमाघर प्रबंधन के लिए एक चेतावनी है कि विशेष अवसरों पर तकनीकी व्यवस्था को सुदृढ़ करना अनिवार्य है, ताकि दर्शकों का विश्वास और उत्साह अक्षुण्ण रहे।



















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